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दौसा: टैंकरों के पहिए थमे, चार करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने की हड़ताल, शहर में पानी का संकट
Tue, 01 Sep 2026 07:42 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
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Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:42 PM IST
सार
पानी की सप्लाई के लिए चलने वाले टैंकरों के पहिए थमते ही जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। ठेकेदारों का आरोप है कि जलदाय विभाग ने अप्रैल 2024 से करीब 4 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते उन्होंने अनिश्चितकाल तक टैंकर संचालन बंद कर दिया है।
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दोसा में टैंकर सप्लाई बंद
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विस्तार
जिले में पेयजल संकट के बीच टैंकरों से पानी सप्लाई करने वाले ठेकेदारों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। ठेकेदारों का आरोप है कि जलदाय विभाग ने अप्रैल 2024 से करीब 4 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक नहीं किया है। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदारों ने टैंकरों के पहिए जाम कर दिए हैं।
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दौसा जिले में गर्मी और पेयजल संकट के दौरान जलदाय विभाग टैंकरों के जरिए पानी मंगवाकर पंप हाउस तक पहुंचाता है। इसके बाद इसी पानी की शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। ठेकेदारों के अनुसार अप्रैल 2024 से विभाग के निर्देश पर लगातार टैंकर चलाए गए। एक टैंकर पर डीजल, चालक का खर्च और रखरखाव मिलाकर रोजाना हजारों रुपए खर्च होते हैं। ठेकेदारों का कहना है कि सरकारी काम होने के कारण उन्होंने भुगतान मिलने की उम्मीद में लगातार सेवा जारी रखी लेकिन करीब 17 महीने बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
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ठेकेदार रामकुवार गुर्जर, लक्ष्मीनारायण जोशी उर्फ गब्ब भाई समेत कई अन्य का आरोप है कि विभाग ने अप्रैल 2024 से अब तक टैंकरों की स्वीकृति तक जारी नहीं की। उनका कहना है कि भुगतान को लेकर बार-बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार जवाब मिला कि प्रस्ताव बनाकर जयपुर भेजा गया है और उच्चाधिकारियों से स्वीकृति मिलने के बाद भुगतान किया जाएगा। ठेकेदारों का कहना है कि इस प्रक्रिया में 17 महीने बीत गए लेकिन अब तक राशि नहीं मिली। इससे कई ठेकेदार कर्ज में डूब गए हैं और डीजल व अन्य खर्चों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।
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लगातार भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदार संघ ने अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। ठेकेदारों का कहना है कि जब तक बकाया 4 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक जिले में टैंकरों से पानी की सप्लाई नहीं की जाएगी। टैंकरों के बंद होने से सबसे ज्यादा असर दौसा शहर और उन इलाकों पर पड़ने की आशंका है, जहां पहले से पेयजल संकट बना हुआ है। टैंकर सप्लाई रुकने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के पंप हाउस, जिला अस्पताल, सरकारी क्वार्टर और शहर के ऊंचाई वाले इलाकों में पानी की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में पहले भी नियमित पेयजल आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक अपने खर्च पर पानी सप्लाई की, लेकिन अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। डीजल विक्रेताओं की उधारी बढ़ चुकी है और ड्राइवरों व अन्य कर्मचारियों के भुगतान का दबाव भी बना हुआ है। ठेकेदारों ने साफ कहा है कि बकाया भुगतान मिलने तक टैंकरों के संचालन को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा।
पूरे मामले पर जलदाय विभाग दौसा के अधिशासी अभियंता हनुमान मीना ने कहा कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान का प्रस्ताव पहले ही उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। विभाग की कोशिश है कि भुगतान जल्द कराया जा सके। फिलहाल ठेकेदारों की हड़ताल के कारण दौसा में पेयजल व्यवस्था पर संकट गहराने की आशंका है। अब देखना होगा कि विभाग बकाया भुगतान को लेकर क्या कदम उठाता है और टैंकर सेवा कब दोबारा शुरू होती है।