{"_id":"30fab772-b962-11e2-811c-d4ae52bc57c2","slug":"prakhar-got-place-in-top-five-in-rajasthan-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुर्दे थे खराब फिर भी टॉप 5 में बनाया स्थान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुर्दे थे खराब फिर भी टॉप 5 में बनाया स्थान
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 10 May 2013 04:40 PM IST
विज्ञापन
जहां चाह वहां राह को साबित करते प्रखर डेरोलिया ने मेहनत और इच्छाशक्ति का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
विज्ञापन
प्रखर ने दोनों गुर्दे खराब होने के बावजूद भी राजस्थान बोर्ड की 12वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
जयपुर के रहने वाले प्रखर के दोनों गुर्दे खराब हैं। उन्हें सप्ताह में दो बार डायलेसिस करना पड़ता है। प्रखर को परीक्षा के दौरान भी डायलेसिस से गुजरना पड़ता है।
इन मुश्किलों के बावजूद भी प्रखर ने टॉप पांच में अपनी जगह बनाई है। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, अध्यापकों और स्कूल के सभी साथियों को देते हैं।
प्रखर के एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं और उनके पिता एलआईसी में हैं।
बनना है सॉफ्टवेयर इंजीनियर
जयपुर के माहेश्वरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले प्रखर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्हें गेमिंग का बहुत शौक है।
सभी जुटे मदद में
प्रखर की जिंदादिली को देख स्कूल भी उनके इलाज में जुट गया है। स्कूल प्रबंधन, स्टाफ और बच्चों ने इलाज के लिए पांच लाख रूपए से अधिक रकम जुटाई है।
मिलने पहुंचे शिक्षा मंत्री
प्रखर की सफलता के बाद उनसे मिलने के लिए शिक्षा मंत्री बृजकिशोर और चिकित्सा राज्यमंत्री राजकुमार शर्मा भी आए। उन्होंने कहा कि वे प्रखर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
विज्ञापन
गुर्दा देगी मां
अपने बेटे की जान बचाने के लिए प्रखर की मां उन्हें अपनी किडनी देंगी। इसी महिने प्रखर का किडनी ट्रांसप्लांट होना है।
सुरेंद्र बने टॉपर
12वीं विज्ञान की परीक्षा में जोधपुर के सुरेंद्र ने टॉप किया है। उन्होंने 97.60 प्रतिशत प्राप्त किए हैं। सुरेंद्र एपेक्स पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोधपुर में पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन