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Political: गहलोत-पायलट विवाद फिर गहराया, सुलह से पहले जारी 85 पीसीसी सचिवों की नियुक्ति सूची पर एआईसीसी की रोक

Fri, 16 Jun 2023 11:51 AM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Fri, 16 Jun 2023 11:51 AM IST
सार

राजस्थान में गहलोत-पायलट विवाद के बीच 27 मई को निकाली गई प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 85 सचिवों की नियुक्तियों पर एआईसीसी ने रोक लगा दी है। जिससे एक बार फिर पार्टी में गहलोत-पायलट खेमों के बीच गुटबाजी खुलकर बाहर आ गई है।

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Political: Aicc ban on implementation of 85 pcc secretaries appointments due to gehlot-pilot fight
गहलोत-पायलट विवाद में पीसीसी के 85 सचिवों की नियुक्ति पर रोक - फोटो : फाइल फोटो।

विस्तार

राजस्थान कांग्रेस में सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच चला आ रहा विवाद थमा नहीं है। पीसीसी के नवनियुक्त 85 सचिवों की नियुक्तियों पर लगी रोक इस बात का सबसे बड़ा संकेत है। 6 जनवरी 2021 को जारी की गई पीसीसी सचिवों की नियुक्तियों की लिस्ट के अतिरिक्त यह एडिशनल लिस्ट जारी की गई थी। जिस पर रोक के आदेश की जानकारी राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बीती रात एक प्रेस नोट जारी कर दी। जिसमें कहा गया- ‘’राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के अप्रूवल के बाद 27 मई 2023 को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 85 सचिव की नियुक्ति की सूची जारी की गई थी। जिस पर एआईसीसी के निर्देश अनुसार आगामी आदेश तक रोक लगाई जाती है।’’

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क्या है विवाद की वजह और विधानसभा चुनाव से पहले 85 नेताओं को क्यों नाराज़ किया ?
  
जिन 85 नेताओं को पीसीसी सचिव नियुक्त करने के बाद नियुक्तियां रोकी गई हैं, उन सभी का कांग्रेस संगठन से नाराज होना तय है। सूत्र बताते हैं कि पद देने के बाद पदों को छीनना एक तरह से कार्यकर्ताओं और नेताओं का अपमान है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी इससे मजबूत नहीं होगी, उलटे कमजोर होगी। सूत्र बताते हैं कि पीसीसी सचिवों की सूची में ज्यादातर अशोक गहलोत खेमे के नेताओं को जगह दी गई थी। सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई बैठक से पहले यह नियुक्तियां की गई थीं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि गहलोत-पायलट विवाद के कारण ही ये नियुक्तियां अटक गई हैं। चुनावी माहौल के बीच परदे के पीछे जमकर शीतयुद्ध चल रहा है और गहलोत-पायलट खेमों के बीच अंदरूनी लड़ाई जारी है। सूत्र यह भी बताते हैं कि पायलट ने नियुक्तियों पर आपत्ति जताई है। क्योंकि पायलट खेमे के कम नेताओं को एडजस्ट किया गया। जबकि दूसरी ओर गहलोत खेमे से भी सचिन पायलट के खास लोगों की नियुक्तियों को लेकर आपत्ति जता दी गई। जोकि सचिव के पदों के योग्य नहीं थे। हालांकि इन नियुक्तियों में गहलोत, पायलट के अलावा पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से भी रायशुमारी कर नाम लिए गए थे। ऐसे में गहलोत और डोटासरा का पलड़ा भारी पड़ा। इसलिए पायलट ने कड़ी आपत्ति जताई। दोनों ओर से विवाद पनपने पर एआईसीसी ने पूरी लिस्ट पर ही रोक लगा दी। ताकि विवाद की जड़ को ही खत्म कर दिया जाए।

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सूची जारी करते वक्त यह कहा गया था


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने  85 PCC सदस्यों की सूची जारी करते हुए कहा था कि प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिवों की नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर किया है। 6 जनवरी 2021 को जारी गई सचिवों की पिछली सूची के अतिरिक्त यह नए पद जोड़े गए हैं।

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 इन्हें पहले पीसीसी सचिव नियुक्त किया, अब रोक लगाई

पीसीसी अध्यक्ष की ओर से नियुक्त किए गए सचिवों में डॉ वीरेंद्र सिंह सिद्धू , कैप्टन अरविंद कुमार, रघुवीर राठौड़ ,नरेश चौधरी, राहुल भाकर, राघवेंद्र मिर्धा, हिम्मत सिंह गुर्जर ,पीएल प्रजापति ,शिवलाल गोदारा, इंद्रजीत सिंह बरार, डॉ शिखा मील बराला, मनीष मक्कासर, दयानंद बेरवाल, अंजना मेघवाल, कैलाश पालीवाल, गब्बर सिंह मीणा, संजय यादव, सत्येंद्र मीणा, संदीप पुरोहित, ललित बेरीवाल, नारायण मेनारिया, हनुवत सिंह शेखावत, छोटू राम मीणा, संजय कुमार जाटव, शिमला देवी नायक, मोहित सोनी, कविता गुर्जर, राहुल तंवर, विकास नागर, मुकुल गोयल शामिल थे।


 
ये भी बनाये गए थे पीसीसी सचिव

इसी तरह रामलाल लील, राजेंद्र पोर्सवाल, गोविंद राम भार्गव, वीरेंद्र झाला, ताराचंद सैनी, योगेंद्र परमार, डॉ सुमित गर्ग, दिनेश कस्वां, भीम सिंह चुंडावत, दिनेश श्रीमाली, रणधीर, लक्ष्मण सिंह गोदारा ,योगेश नागर ,महेश व्यास, अयूब खान, पुष्पेंद्र धाबाई, बृजेंद्र चौधरी, प्रभु दयाल सैनी, रामू राम सांख, अरुण कुमावत आनंदीलाल मीणा, गोपाल कृष्ण शर्मा, अहसार अहमद, राजेंद्र शर्मा, दिलीप चौधरी, रामनिवास ग्वाला, अजय अग्रवाल, संदीप शर्मा, चतुर सिंह बसदा, चंद्र सिंह राणा, आलोक पारीक, शिवाकांत, शंकर डंगायच, रंजना शर्मा, शंकर लाल गाडरी, गोवर्धन लाल, डॉ हिमांशु कटारा, डॉ राजेंद्र प्रसाद मीणा, हंसराज मीणा, देवकीनंदन वर्मा, सरलेश सिंह राणा , सूरज शर्मा, रामनिवास कुकणा, मकबूल बालोच, बृजलाल मीणा, भूपेंद्र भारद्वाज,चांदमल जैन, महिंदर बरजोड़, रामस्वरूप गुर्जर, वीरेंद्र सिंह महला, हिम्मत सिंह चौधरी, मालचंद राजपुरोहित, रियाजत खान, अनिल बुड़बक और रामजीलाल शर्मा भी सचिव बनाए गए थे। लेकिन अब इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है।
 
 

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