{"_id":"6a9bf5ae2e02da0a060519dc","slug":"waterlogging-blocks-cremation-ground-road-in-kotputli-funeral-procession-forced-to-wait-in-rainwater-kotputli-behror-news-c-1-1-noi1440-4690021-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: बारिश में श्मशान का रास्ता जलमग्न, दो घंटे फंसी शवयात्रा; जेसीबी से पानी निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: बारिश में श्मशान का रास्ता जलमग्न, दो घंटे फंसी शवयात्रा; जेसीबी से पानी निकाला
Sat, 05 Sep 2026 05:59 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 05:59 PM IST
सार
बड़ाबास के भूतेश्वर क्षेत्र में बारिश के बाद कबीर मंदिर के सामने श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता जलमग्न हो गया। करीब दो घंटे तक शवयात्रा रास्ते में फंसी रही। बाद में जेसीबी से पानी की निकासी कराई गई। स्थानीय लोगों ने स्थायी जल निकासी और अधूरी भराई का काम पूरा कराने की मांग की है।
विज्ञापन
बारिश के कारण रोकी गई शव यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर के मोहल्ला बड़ाबास स्थित भूतेश्वर क्षेत्र में बारिश के बाद जलभराव की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कबीर मंदिर के सामने श्मशान भूमि की ओर जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी भर जाने से करीब दो घंटे तक रास्ता बंद रहा। इस दौरान शव यात्रा लेकर पहुंचे लोगों को पानी के बीच रास्ते में ही रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाद में जेसीबी बुलाकर पानी की निकासी कराई गई, जिसके बाद आवागमन सुचारू हो सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही रास्ते पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भी यही स्थिति सामने आई। श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता पानी से लबालब हो गया। इसी दौरान एक शवयात्रा वहां पहुंची तो लोगों को आगे जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर तक लोग रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। बाद में जेसीबी की सहायता से पानी निकाला गया और शवयात्रा को श्मशान भूमि तक ले जाया गया।
बारिश में बार-बार बनती है जलभराव की स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि कबीर मंदिर के सामने स्थित इस रास्ते पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे आम राहगीरों के साथ-साथ आसपास के रहवासियों को भी परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
लोगों के मुताबिक श्मशान भूमि की चारदीवारी का निर्माण नगर परिषद की ओर से कराया गया है। चारदीवारी बनने के बाद यहां भराई का कार्य भी कराया गया था, लेकिन भराई का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, बारिश के पानी की निकासी के लिए भी स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बारिश का पानी रास्ते पर जमा होकर आवागमन बाधित कर देता है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लोगों ने रास्ते को सही करवाने, अधूरी भराई पूरी कराने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
लोगों ने कहा कि श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता इस तरह जलमग्न होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने नगर परिषद और प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, रास्ते को दुरुस्त कराने तथा अधूरे भराई कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को दोबारा ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही रास्ते पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भी यही स्थिति सामने आई। श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता पानी से लबालब हो गया। इसी दौरान एक शवयात्रा वहां पहुंची तो लोगों को आगे जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर तक लोग रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। बाद में जेसीबी की सहायता से पानी निकाला गया और शवयात्रा को श्मशान भूमि तक ले जाया गया।
विज्ञापन
बारिश में बार-बार बनती है जलभराव की स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि कबीर मंदिर के सामने स्थित इस रास्ते पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे आम राहगीरों के साथ-साथ आसपास के रहवासियों को भी परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
लोगों के मुताबिक श्मशान भूमि की चारदीवारी का निर्माण नगर परिषद की ओर से कराया गया है। चारदीवारी बनने के बाद यहां भराई का कार्य भी कराया गया था, लेकिन भराई का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, बारिश के पानी की निकासी के लिए भी स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बारिश का पानी रास्ते पर जमा होकर आवागमन बाधित कर देता है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लोगों ने रास्ते को सही करवाने, अधूरी भराई पूरी कराने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
लोगों ने कहा कि श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता इस तरह जलमग्न होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने नगर परिषद और प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, रास्ते को दुरुस्त कराने तथा अधूरे भराई कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को दोबारा ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।