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कोटपूतली में चुनाव से पहले गरमाई सियासत: पार्षद को ढूंढने की मांग को लेकर महापंचायत, थाने के घेराव की चेतावनी
Sat, 19 Sep 2026 05:17 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 05:17 PM IST
सार
कोटपूतली नगर परिषद के वार्ड 48 से नवनिर्वाचित निर्दलीय पार्षद देशराज गुर्जर के 16 सितंबर से लापता होने के मामले में परिजनों और समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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कोटपूतली में सर्व समाज की सभा में उमड़ा सैलाब
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कोटपूतली नगर परिषद सभापति चुनाव से ठीक पहले वार्ड नंबर 48 के नवनिर्वाचित निर्दलीय पार्षद देशराज गुर्जर के कथित तौर पर लापता होने से कोटपूतली की सियासत गरमा गई है। देशराज गुर्जर 2026 के निकाय चुनाव में वार्ड 48 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विजयी हुए हैं। परिजनों और समर्थकों के अनुसार, पार्षद देशराज गुर्जर 16 सितंबर से लापता हैं। शुक्रवार को उनके परिजन, समर्थक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पार्षद को तलाशकर सकुशल घर लाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद शनिवार को देवनारायण मंदिर परिसर में सर्व समाज की ओर से विशाल आम सभा आयोजित की गई। करीब दो घंटे चली सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सभा में वक्ताओं ने पार्षद के लापता होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना था कि शिकायत के बावजूद देशराज का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वहीं, सभा में मौजूद निर्दलीय पार्षदों और अन्य वक्ताओं ने स्थानीय भाजपा संगठन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप था कि निकाय चुनाव के बाद पार्षदों को डराने-धमकाने और अपने पक्ष में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सभा में कोई प्रत्यक्ष पक्ष सामने नहीं आया। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने भी साधा निशाना
सभा में पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने भी अपने राजनीतिक अनुभव और भाजपा से अलग होने के फैसले को लेकर खुलकर बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके साथ धोखा किया और उनकी राजनीतिक भूमिका खत्म करने का प्रयास किया गया। सैनी ने कहा कि इसी वजह से उन्होंने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का समर्थन करने का निर्णय लिया है। सभा में पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, पूर्व विधायक रामचंद्र रावत, पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी, कांग्रेस नेता भीम पटेल और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रवि यादव सहित कई नेता एवं सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।
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रविवार दोपहर तक का अल्टीमेटम
सभा के दौरान ग्रामीणों, परिजनों और सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को रविवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि तब तक पार्षद देशराज गुर्जर को तलाशकर सकुशल सामने नहीं लाया गया तो पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा और आंदोलन शुरू किया जाएगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में प्रशासन जिम्मेदार होगा।
ये भी पढ़ें- जयपुर के निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही: दो मृतकों के शव आपस में बदले, एक परिवार दूसरे का शव लेकर निकला
पुलिस ने कहा- तलाश जारी, जल्द पता लगाने का प्रयास
मामले को लेकर पुलिस की ओर से कहा गया है कि पार्षद की तलाश के लिए पुलिस टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और पार्षद का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सभापति चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
देशराज गुर्जर के लापता होने का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कोटपूतली नगर परिषद में सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में पार्षद के अचानक लापता होने से पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच और देशराज गुर्जर के सुरक्षित मिलने पर टिकी हैं।
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पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सभा में वक्ताओं ने पार्षद के लापता होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना था कि शिकायत के बावजूद देशराज का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वहीं, सभा में मौजूद निर्दलीय पार्षदों और अन्य वक्ताओं ने स्थानीय भाजपा संगठन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप था कि निकाय चुनाव के बाद पार्षदों को डराने-धमकाने और अपने पक्ष में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सभा में कोई प्रत्यक्ष पक्ष सामने नहीं आया। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने भी साधा निशाना
सभा में पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने भी अपने राजनीतिक अनुभव और भाजपा से अलग होने के फैसले को लेकर खुलकर बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके साथ धोखा किया और उनकी राजनीतिक भूमिका खत्म करने का प्रयास किया गया। सैनी ने कहा कि इसी वजह से उन्होंने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का समर्थन करने का निर्णय लिया है। सभा में पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, पूर्व विधायक रामचंद्र रावत, पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी, कांग्रेस नेता भीम पटेल और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रवि यादव सहित कई नेता एवं सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।
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रविवार दोपहर तक का अल्टीमेटम
सभा के दौरान ग्रामीणों, परिजनों और सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को रविवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि तब तक पार्षद देशराज गुर्जर को तलाशकर सकुशल सामने नहीं लाया गया तो पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा और आंदोलन शुरू किया जाएगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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पुलिस ने कहा- तलाश जारी, जल्द पता लगाने का प्रयास
मामले को लेकर पुलिस की ओर से कहा गया है कि पार्षद की तलाश के लिए पुलिस टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और पार्षद का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सभापति चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
देशराज गुर्जर के लापता होने का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कोटपूतली नगर परिषद में सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में पार्षद के अचानक लापता होने से पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच और देशराज गुर्जर के सुरक्षित मिलने पर टिकी हैं।