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कोटा: 16 साल के छात्र की मौत, छह महीने पहले जेईई की तैयारी के लिए आया था; परिजनों ने कोचिंग पर उठाए सवाल
Mon, 26 Oct 2026 03:30 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 03:30 PM IST
सार
राजस्थान के कोटा में मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी 16 वर्षीय छात्र की मौत का मामला सामने आया है। छात्र महावीर नगर प्रथम इलाके में पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, छात्र का शव उसके कमरे में मिला। परिजनों ने कोचिंग संस्थान पर छात्र की परीक्षा में उपस्थिति को लेकर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। जवाहर नगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। छात्र करीब छह महीने पहले जेईई की तैयारी करने कोटा आया था और महावीर नगर प्रथम इलाके के एक पीजी में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, छात्र अपने कमरे में मृत मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव उन्हें सौंप दिया गया। वहीं, परिजनों ने कोचिंग संस्थान पर छात्र की परीक्षा में उपस्थिति को लेकर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है।
महावीर नगर प्रथम के पीजी में रह रहा था छात्र
डीएसपी मनीष शर्मा के अनुसार, छात्र महावीर नगर प्रथम इलाके में पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। वह करीब छह महीने पहले ही कोटा आया था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद जवाहर नगर थाना टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की।
पुलिस ने छात्र के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। शिवपुरी से परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया।
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कमरे से बाहर न आने पर खटखटाया दरवाजा
पुलिस के अनुसार, अन्य छात्रों से मिली जानकारी में सामने आया कि रात को खाना खाने के बाद पीजी में रहने वाले छात्र आमतौर पर टहलने के लिए बाहर निकलते थे। लेकिन उस रात संबंधित छात्र अपने कमरे से बाहर नहीं आया।
जब वह काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो उसके कमरे का दरवाजा कई बार खटखटाया गया। इसके बाद पीजी संचालक को इसकी जानकारी दी गई। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
'छात्र पर कोई दबाव नहीं था'
कोटा पहुंचे छात्र के परिजनों का कहना है कि परिवार में किसी तरह की परेशानी नहीं थी और छात्र पर पढ़ाई को लेकर किसी प्रकार का दबाव भी नहीं था। परिजनों के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान छात्र ने बताया था कि उसकी परीक्षा है।
परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें पता चला कि छात्र परीक्षा देने भी नहीं गया था और अपने कमरे में ही था। परिवार के मुताबिक, छात्र अपनी इच्छा से जेईई की तैयारी करने कोटा आया था।
कोचिंग संस्थान पर उपस्थिति की जानकारी नहीं देने का आरोप
छात्र के परिजनों ने कोचिंग संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्र परीक्षा देने पहुंचा या नहीं, इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि यदि छात्र की अनुपस्थिति की सूचना समय पर मिलती, तो वे उससे संपर्क कर सकते थे। फिलहाल पुलिस की ओर से मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले में परिजनों के आरोप और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
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महावीर नगर प्रथम के पीजी में रह रहा था छात्र
डीएसपी मनीष शर्मा के अनुसार, छात्र महावीर नगर प्रथम इलाके में पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। वह करीब छह महीने पहले ही कोटा आया था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद जवाहर नगर थाना टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की।
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पुलिस ने छात्र के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। शिवपुरी से परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया।
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कमरे से बाहर न आने पर खटखटाया दरवाजा
पुलिस के अनुसार, अन्य छात्रों से मिली जानकारी में सामने आया कि रात को खाना खाने के बाद पीजी में रहने वाले छात्र आमतौर पर टहलने के लिए बाहर निकलते थे। लेकिन उस रात संबंधित छात्र अपने कमरे से बाहर नहीं आया।
जब वह काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो उसके कमरे का दरवाजा कई बार खटखटाया गया। इसके बाद पीजी संचालक को इसकी जानकारी दी गई। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
'छात्र पर कोई दबाव नहीं था'
कोटा पहुंचे छात्र के परिजनों का कहना है कि परिवार में किसी तरह की परेशानी नहीं थी और छात्र पर पढ़ाई को लेकर किसी प्रकार का दबाव भी नहीं था। परिजनों के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान छात्र ने बताया था कि उसकी परीक्षा है।
परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें पता चला कि छात्र परीक्षा देने भी नहीं गया था और अपने कमरे में ही था। परिवार के मुताबिक, छात्र अपनी इच्छा से जेईई की तैयारी करने कोटा आया था।
कोचिंग संस्थान पर उपस्थिति की जानकारी नहीं देने का आरोप
छात्र के परिजनों ने कोचिंग संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्र परीक्षा देने पहुंचा या नहीं, इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि यदि छात्र की अनुपस्थिति की सूचना समय पर मिलती, तो वे उससे संपर्क कर सकते थे। फिलहाल पुलिस की ओर से मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले में परिजनों के आरोप और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।