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Kota News: कपड़ों के बंडल के नीचे दबने से बुजुर्ग दंपती की दर्दनाक मौत, बेटों का रो रोकर बुरा हाल
Sun, 16 Feb 2025 06:18 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 06:18 PM IST
सार
मृतक दंपति के बेटे विक्की ने बताया कि हमारा पुश्तैनी काम कपड़े लेकर बर्तन देने का है। पिता राजू गुजराती और मां नर्मदा गुजराती करीब 15 दिन पहले सवाई माधोपुर में पुश्तैनी काम से गए थे। वहीं पर यह हादसा हो गया।
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मृतक दंपत्ति का फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के कोटा जिले के निवासी दंपती की सवाई माधोपुर में कपड़ों के बंडल के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। दंपती के बेटे ने बताया कि दोनों अपने पुश्तैनी काम के लिए सवाई माधोपुर गए थे और रेलवे स्टेशन के सामने बने एक धर्मशाला में रुके हुए थे। जहां पर रात को सोते समय उनके ऊपर कपड़ों के बंडल गिर गए। जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई। वहीं धर्मशाला के कर्मचारियों का कहना है कि सुबह काफी देर तक उन्हें आवाज दी, लेकिन उन्होंने गेट नहीं खोला। इसके बाद गेट तोड़कर देखा तो दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे और उनके ऊपर कपड़ों के बंडल गिरे हुए थे।
मृतक दंपति के बेटे विक्की ने बताया कि हमारा पुश्तैनी काम कपड़े लेकर बर्तन देने का है। पिता राजू गुजराती और मां नर्मदा गुजराती करीब 15 दिन पहले सवाई माधोपुर में पुश्तैनी काम से गए थे। वहीं पर यह हादसा हो गया। रेंट वाले कमरे में ही एक के ऊपर एक कपड़ों की पुतलियां रखी हुई थी। दोनों शवों को सवाई माधोपुर से कोटा लाया जा चुका है। वहीं कर्म योगी सेवा संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन कर्म योगी ने बताया कि राजू गुजराती बस्ती समाज के मुखिया भी थे। उन्होंने ही बस्ती में माताजी के मंदिर की स्थापना भी की थी। उनके अचानक निधन से गुजराती समाज में भी काफी दुख है।
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मृतक दंपति के बेटे विक्की ने बताया कि हमारा पुश्तैनी काम कपड़े लेकर बर्तन देने का है। पिता राजू गुजराती और मां नर्मदा गुजराती करीब 15 दिन पहले सवाई माधोपुर में पुश्तैनी काम से गए थे। वहीं पर यह हादसा हो गया। रेंट वाले कमरे में ही एक के ऊपर एक कपड़ों की पुतलियां रखी हुई थी। दोनों शवों को सवाई माधोपुर से कोटा लाया जा चुका है। वहीं कर्म योगी सेवा संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन कर्म योगी ने बताया कि राजू गुजराती बस्ती समाज के मुखिया भी थे। उन्होंने ही बस्ती में माताजी के मंदिर की स्थापना भी की थी। उनके अचानक निधन से गुजराती समाज में भी काफी दुख है।
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