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Jodhpur: एम्स को बम से उड़ाने की धमकी कोरी अफवाह, नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
Thu, 13 Feb 2025 10:49 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 13 Feb 2025 10:49 AM IST
सार
जोधपुर एम्स को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद परिसर में मौजूद सभी व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की सलाह दी गई। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने परिसर की जांच की लेकिन ऐसी कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के सबसे बड़े अस्पताल एम्स को आरडीएक्स ब्लास्ट की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यह ईमेल दक्षिण भारत की अन्ना यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के नाम से भेजा गया, जिससे मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया। धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से एम्स परिसर की गहन जांच की गई। हालांकि किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मंगलवार देर रात जोधपुर एम्स के निदेशक के आधिकारिक ईमेल पर यह धमकी भरा मेल आया। मेल में लिखा गया था कि एम्स अस्पताल को आरडीएक्स से ब्लास्ट कर उड़ाया जाएगा और परिसर में मौजूद सभी वीआईपी व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की सलाह दी गई।
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ईमेल की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सुरक्षा घेरे में लिया और तलाशी अभियान चलाया।
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परिसर के हर कोने की गहन तलाश और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच के साथ ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमों ने परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस और एम्स प्रशासन ने राहत की सांस ली, हालांकि सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह धमकी भरा ईमेल अन्ना यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के नाम से भेजा गया है। पुलिस को संदेह है कि यह किसी शरारती तत्व द्वारा फर्जी तरीके से भेजा गया मेल हो सकता है।
साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी हुई है। मेल भेजने वाले का IP एड्रेस ट्रैक किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में मेल प्रोफेसर ने भेजा है या किसी ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है।
बहरहाल अस्पताल परिसर की तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं। एम्स परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आने-जाने वाले लोगों की कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक यह घटना किसी शरारती व्यक्ति की हरकत भी हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से मेल भेजने वाले तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।