खाद्य सुरक्षा योजना में बड़ा सर्वे: फ्री राशन की सूची में फिर से छंटनी की तैयारी, घर-घर आएंगे अधिकारी
राजस्थान में अक्टूबर से दिसंबर तक खाद्य सुरक्षा योजना का घर-घर सर्वे होगा। अपात्र परिवारों की पहचान कर नोटिस दिए जाएंगे, जबकि पात्र परिवारों को सूची में जोड़ा जाएगा।
विस्तार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र परिवारों की पहचान करने और पात्र लोगों को योजना से जोड़ने के लिए राजस्थान में अब घर-घर सर्वे होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक शहरी क्षेत्रों में यह अभियान चलाएगा। इस दौरान अधिकारी राशन कार्डधारकों की पात्रता की जांच करेंगे। जो परिवार योजना के नियमों के तहत अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बावजूद नाम नहीं हटवाने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के उपायुक्त एवं उप शासन सचिव सुनील पूनिया ने इस संबंध में सभी जिला रसद अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
तीन महीने तक चलेगा घर-घर सर्वे
विभाग का यह अभियान शहरी क्षेत्रों के उन वार्डों में चलाया जाएगा, जहां वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी, जो योजना के निर्धारित नियमों के तहत अपात्र हैं, लेकिन अब भी खाद्य सुरक्षा का लाभ ले रहे हैं। ऐसे परिवारों को स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने यानी 'गिव-अप' के लिए कहा जाएगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पात्र परिवारों को भी मिलेगा मौका
अभियान का उद्देश्य केवल अपात्र परिवारों को सूची से हटाना ही नहीं है। सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की भी पहचान की जाएगी, जो खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता रखते हैं, लेकिन किसी कारण से अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। ऐसे परिवारों से आवेदन करवाकर उनके नाम सूची में जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग इस अभियान को 'गिव-अप' अभियान का दूसरा चरण बता रहा है।
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अधिकारियों को खुद करना होगा फील्ड विजिट
सर्वे की निगरानी के लिए जिला रसद अधिकारियों, प्रवर्तन अधिकारियों और प्रवर्तन निरीक्षकों को खुद मौके पर जाकर काम करना होगा। अधिकारियों को अपनी फील्ड विजिट की जीपीएस लोकेशन और तारीख वाली फोटो प्रतिदिन नियुक्त प्रभारी अधिकारी को भेजनी होगी। प्रत्येक वार्ड का सर्वे दो दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
महीने में इतने दिन फील्ड में रहेंगे अधिकारी
विभाग ने अधिकारियों के लिए फील्ड विजिट के न्यूनतम दिन भी तय किए हैं। जिला रसद अधिकारियों को महीने में कम से कम आठ दिन, प्रवर्तन अधिकारियों और प्रवर्तन निरीक्षकों को 12 दिन तथा नए प्रवर्तन निरीक्षकों को 15 दिन फील्ड में रहना होगा। विभाग ने सभी जिला रसद अधिकारियों को निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने को कहा है।
सूची से 95.49 लाख नाम हटाए , जोड़े 93.44 लाख; जयपुर में सबसे ज्यादा कमी
NFSA के तहत लाभार्थियों को जोड़ने और हटाने के आंकड़ों में करीब 2.05 लाख इकाइयों का अंतर सामने आया है। उपलब्ध विभागीय रिपोर्टों के अनुसार, 41 जिलों में 93,44,503 इकाइयां जोड़ी गईं, जबकि 95,49,132 इकाइयां हटाई गईं। इस तरह जोड़ी गई इकाइयों के मुकाबले हटाई गई इकाइयों की संख्या 2,04,629 अधिक रही। जिलावार आंकड़ों में जयपुर में सबसे ज्यादा 1,83,934 इकाइयों की शुद्ध कमी दर्ज हुई। उदयपुर में 1,71,559 और बीकानेर में 1,00,459 इकाइयां कम हुईं। दूसरी ओर, बाड़मेर में सबसे ज्यादा 98,372 इकाइयों की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।
ये आंकड़े दो अलग-अलग अवधि की रिपोर्टों पर आधारित हैं। इकाइयां जोड़ने की रिपोर्ट 26 जनवरी 2025 से और हटाने की रिपोर्ट 1 नवंबर 2024 से संबंधित है। हटाई गई इकाइयों में 'NFSA नहीं/हटाई गई' श्रेणी के साथ तीन महीने से अधिक समय से ई-केवाईसी लंबित रहने वाले मामले भी शामिल हैं। इसलिए आंकड़ों को एक ही अवधि में हुए बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जिलेवार जोड़ी गई और हटाई गई इकाइयों का विवरण
|
जिला |
जोड़े गए नाम |
हटाए गए नाम |
कुल अंतर |
|---|---|---|---|
|
अजमेर |
2,06,714 |
2,36,647 |
−29,933 |
|
अलवर |
3,12,214 |
2,69,293 |
+42,921 |
|
बालोतरा |
2,58,753 |
2,11,716 |
+47,037 |
|
बांसवाड़ा |
2,53,560 |
3,01,441 |
−47,881 |
|
बारां |
1,67,871 |
2,05,629 |
−37,758 |
|
बाड़मेर |
3,33,140 |
2,34,768 |
+98,372 |
|
ब्यावर |
2,15,526 |
1,83,224 |
+32,302 |
|
भरतपुर |
2,47,516 |
1,69,376 |
+78,140 |
|
भीलवाड़ा |
3,35,214 |
3,60,088 |
−24,874 |
|
बीकानेर |
2,07,796 |
3,08,255 |
−1,00,459 |
|
बूंदी |
1,88,934 |
1,27,009 |
+61,925 |
|
चित्तौड़गढ़ |
1,87,371 |
2,14,156 |
−26,785 |
|
चूरू |
3,22,719 |
2,91,306 |
+31,413 |
|
दौसा |
2,31,964 |
2,07,230 |
+24,734 |
|
डीग |
1,98,727 |
1,41,828 |
+56,899 |
|
धौलपुर |
2,17,786 |
1,82,640 |
+35,146 |
|
डीडवाना-कुचामन |
2,11,988 |
2,26,176 |
−14,188 |
|
डूंगरपुर |
2,16,412 |
2,53,319 |
−36,907 |
|
गंगानगर |
1,89,551 |
2,44,583 |
−55,032 |
|
हनुमानगढ़ |
1,70,670 |
2,22,347 |
−51,677 |
|
जयपुर |
4,01,711 |
5,85,645 |
−1,83,934 |
|
जैसलमेर |
1,09,262 |
91,364 |
+17,898 |
|
जालोर |
2,64,492 |
3,05,592 |
−41,100 |
|
झालावाड़ |
2,28,543 |
1,75,265 |
+53,278 |
|
झुंझुनूं |
1,99,446 |
2,77,267 |
−77,821 |
|
जोधपुर |
3,54,718 |
3,78,395 |
−23,677 |
|
करौली |
2,62,793 |
1,96,079 |
+66,714 |
|
खैरथल-तिजारा |
1,30,649 |
1,63,490 |
−32,841 |
|
कोटा |
2,55,189 |
1,84,838 |
+70,351 |
|
कोटपूतली-बहरोड़ |
1,46,629 |
1,88,664 |
−42,035 |
|
नागौर |
3,03,232 |
2,30,390 |
+72,842 |
|
पाली |
2,74,326 |
2,40,505 |
+33,821 |
|
फलोदी |
1,31,165 |
1,19,704 |
+11,461 |
|
प्रतापगढ़ |
1,39,807 |
1,22,396 |
+17,411 |
|
राजसमंद |
1,42,261 |
1,94,128 |
−51,867 |
|
सलूंबर |
81,429 |
1,30,301 |
−48,872 |
|
सवाई माधोपुर |
2,50,995 |
1,69,818 |
+81,177 |
|
सीकर |
3,66,899 |
4,03,411 |
−36,512 |
|
सिरोही |
1,22,151 |
1,81,554 |
−59,403 |
|
टोंक |
2,36,504 |
1,79,860 |
+56,644 |
|
उदयपुर |
2,67,876 |
4,39,435 |
−1,71,559 |
|
कुल योग (रिपोर्ट के अनुसार) |
93,44,503 |
95,49,132 |
−2,04,629 |