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Rajasthan News: जहरीली हवा बिगाड़ देगी सेहत, इस प्रदूषण में सांस लेना भी खतरनाक, ये पांच शहर रेड जोन में शामिल

Thu, 21 Nov 2024 08:56 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 21 Nov 2024 08:56 PM IST
सार

राजस्थान के जयपुर, भिवाड़ी, सीकर, और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर गई है। मानसरोवर (जयपुर) में AQI 343 तक पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। अलवर और भरतपुर में खदानों और ईंट भट्टों को बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं।

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Rajasthan News: Toxic air will spoil your health, five cities of Rajasthan included in the red zone
राजस्थान में बढ़ा वायु प्रदूषण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के शहरों में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। राजधानी जयपुर समेत भिवाड़ी, सीकर, श्रीगंगानगर जैसे शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रोड डस्ट, बढ़ता ट्रैफिक और औद्योगिक प्रदूषण इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अलवर जैसे बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

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जयपुर में सबसे ज्यादा प्रदूषण
जयपुर के मानसरोवर इलाके में AQI का स्तर 343 तक पहुंच गया है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा रीको सीतापुरा और मुरलीपुरा क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब है। सुबह और दोपहर के समय ठंड और धुंध ने हालात को और खराब कर दिया है।
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अलवर और भरतपुर में माइंस और ईंट भट्टे बंद
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए राजस्थान सरकार ने अलवर और भरतपुर जिलों में सख्त कदम उठाए हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण के तहत करीब 3 हजार खदानों और ईंट भट्टों को बंद करने का आदेश दिया गया है।

पांच शहर रेड जोन में
आज दोपहर एक बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान के भिवाड़ी (रीको), जयपुर (वन मानसरोवर और रीको), कोटा (श्रीनाथपुरम) और टोंक जैसे शहर 'रेड जोन' में शामिल रहे। ये क्षेत्र 'बहुत खराब' श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जहां वायु प्रदूषण का स्तर सांस लेने के लिए बेहद खतरनाक है।

सरकार की चुनौतियां बढ़ीं
प्रदूषण के इस स्तर को नियंत्रित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण, सड़कों पर धूल को कम करने, और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे ठोस कदम उठाने की जरूरत है। लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

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