{"_id":"670e79e0afc15e8a990e0af6","slug":"rajasthan-news-celebrating-diwali-on-31st-october-is-according-to-the-scriptures-scholars-took-the-decision-2024-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News : 31 अक्टूबर को दीपावली मनाना शास्त्र सम्मत, प्रमुख विद्वानों ने धर्मसभा में लिया निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News : 31 अक्टूबर को दीपावली मनाना शास्त्र सम्मत, प्रमुख विद्वानों ने धर्मसभा में लिया निर्णय
Tue, 15 Oct 2024 07:49 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 15 Oct 2024 07:49 PM IST
सार
राजधानी में आज केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित विद्वत धर्मसभा में देश के सौ से अधिक प्रमुख विद्वानों ने दीपावली की तिथि को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर गुरुवार को मनाना शास्त्र सम्मत है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय विद्वत परिषद द्वारा 15 अक्टूबर को जयपुर स्थित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित धर्मसभा में देश के सौ से अधिक प्रमुख विद्वानों, ज्योतिषाचार्यों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में यह निर्णय हुआ कि दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। धर्मसभा की अध्यक्षता वयोवृद्ध ज्योतिषाचार्य प्रो. रामपाल शास्त्री ने की।
विज्ञापन
धर्मसभा में पंचांग सम्मत तिथियों के सूक्ष्म अध्ययन एवं धर्मशास्त्रों पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में 31 अक्टूबर 2024, गुरुवार को ही दीपावली मनाना शास्त्र सम्मत है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य दिन दीपावली मनाना धर्म शास्त्रों के अनुसार उचित नहीं होगा।
विज्ञापन
धर्मसभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि 31 अक्टूबर को प्रदोषकाल से मध्यरात्रि तक व्यापिनी कार्तिकी अमावस्या के समय ही लक्ष्मी पूजन करना शुभ और शास्त्र सम्मत रहेगा। सभा के अनुसार इस निर्णय के बाद दीपावली पर्व को लेकर किसी प्रकार के भ्रम या संशय की संभावना नहीं रहनी चाहिए।
विज्ञापन
दीपावली मनाने को लेकर धर्मसभा में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य पूरे देश में एकरूपता और धार्मिक अनुशासन को बढ़ावा देना है ताकि सनातन धर्म के अनुयायी शास्त्रानुसार दीपावली का महापर्व सही समय पर मना सकें।