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जयपुर: हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल को हाईकोर्ट से राहत, 23 साल पुराने मामले की एफआईआर निरस्त

Tue, 29 Sep 2026 03:57 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Tue, 29 Sep 2026 03:57 PM IST
सार

हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को 23 साल पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त कर दी। मामले में एफआईआर दर्ज होने में करीब 23 साल की देरी को अदालत के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया था।

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Rajasthan High Court Quashes FIR Against Hanumangarh MLA Ganeshraj Bansal in 23-Year-Old Case
राजस्थान हाईकोर्ट

विस्तार

हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। मामले में विधायक की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय ने पैरवी की। अदालत के समक्ष एफआईआर दर्ज किए जाने में हुई लंबी देरी और प्रकरण से जुड़ी परिस्थितियों को प्रमुखता से रखा गया।
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23 साल बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
मामला वर्ष 2003 में हुए कथित फर्जी पट्टा प्रकरण से जुड़ा बताया गया था। इस घटनाक्रम के करीब 23 वर्ष बाद वर्ष 2026 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी प्रकरण में सीआईडी-सीबी ने गणेशराज बंसल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था, जहां पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। बाद में जिला एवं सत्र न्यायालय से उन्हें जमानत भी मिल गई थी।
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हाईकोर्ट में उठाया 23 साल की देरी का मुद्दा
एफआईआर को चुनौती देते हुए विधायक की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि कथित घटना वर्ष 2003 की है, जबकि शिकायत और एफआईआर वर्ष 2026 में दर्ज हुई। हाईकोर्ट के समक्ष 23 वर्ष की देरी को लेकर सवाल उठाए गए। अदालत ने भी एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और मामले की परिस्थितियों को सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण माना। संबंधित एफआईआर में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
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पत्नी और बेटी से जुड़े मामले में भी हुई सुनवाई
इससे पहले 21 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले में गणेशराज बंसल की पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन से जुड़े प्रकरण पर भी सुनवाई की थी। अदालत के समक्ष बताया गया था कि एफआईआर में 18 अक्टूबर 2003 की घटना का उल्लेख है, जबकि एफआईआर 18 सितंबर 2026 को दर्ज हुई। अदालत ने मामले की केस डायरी तलब करते हुए आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय की थी।

बंसल परिवार को पहले भी मिली थी अंतरिम राहत
इसके बाद 23 सितंबर को बंसल परिवार से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत भी दी थी। अदालत ने संबंधित एफआईआर में गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक के निर्देश दिए थे। अब गणेशराज बंसल से संबंधित एफआईआर निरस्त किए जाने के बाद उन्हें इस प्रकरण में महत्वपूर्ण न्यायिक राहत मिली है।


अलग-अलग स्तर पर जारी रही कानूनी प्रक्रिया
फर्जी पट्टा मामले में सीआईडी-सीबी की ओर से की गई कार्रवाई और हाईकोर्ट में चुनौती दिए गए अलग-अलग प्रकरणों को लेकर कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर चली। उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 23 साल पुराने घटनाक्रम और 2026 में दर्ज एफआईआर को लेकर हाईकोर्ट में देरी का मुद्दा प्रमुख रहा।
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