Rajasthan: विधानसभा सत्र आज से, न मंत्री होंगे न नेता प्रतिपक्ष, पहला सीएम जिसे विधायिका का अनुभव नहीं
सदन के विधायी कार्य में बृहस्पतिवार को स्पीकर का चुनाव निर्धारित किया गया हैं। अगर सर्वसम्मति से देवनानी नहीं चुने जाते हैं तो भाजपा विधायक दल की संख्या 115 होने से आसानी से वह चुनाव जीत जाएंगे। ब्यूरो
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राजस्थान में बुधवार से शुरू हो रहा 16वीं विधानसभा का पहला सत्र कई मायनों में अनोखा होगा। राजस्थान के संसदीय इतिहास में संभवत: पहली बार ऐसा सीएम सदन के फ्लोर पर होगा, जिसे पहले से विधायिका का कोई अनुभव नहीं है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं और पहली बार में ही सीएम के पद पर पहुंच गए। इसके साथ ही पहली बार सरकार बगैर मंत्रियों के सदन में पहुंचेगी क्योंकि भाजपा अब तक अपना मंत्रिमंडल तय नहीं कर पाई है। अब पहले विधायक अपनी शपथ लेंगे। इधर, विपक्षी खेमे की बात करें तो कांग्रेस भी अपने विधायक दल का नेता अभी तक नहीं चुन पाई है।
स्पीकर का होगा चुनाव
सदन के विधायी कार्य में बृहस्पतिवार को स्पीकर का चुनाव निर्धारित किया गया हैं। अगर सर्वसम्मति से देवनानी नहीं चुने जाते हैं तो भाजपा विधायक दल की संख्या 115 होने से आसानी से वह चुनाव जीत जाएंगे। ब्यूरो
मजबूत विपक्ष, कठिन होगा फ्लोर मैनेजमेंट
सरकार के लिए पहले सत्र में फ्लोर मैनेजमेंट बेहद कठिन होगा। पहला तो भाजपा के सामने तुलनात्मक तौर पर बेहद मजबूत विपक्ष होगा। पहले 2003 में बनी भाजपा सरकार के सामने 56 कांग्रेसी विधायकों का विपक्ष था, जबकि 2013 में कांग्रेस महज 21 ही सीटें जीती थी। इस बार भाजपा के 115 के मुकाबले कांग्रेस और सहयोगियों के 70 विधायक सामने होंगे।
मंदिर जाते समय सीएम शर्मा की कार नाले में फंसी
राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा की कार मंगलवार रात किनारे नाले में फंस गई। वह पत्नी मथुरा के गिरिराज मंदिर जा रहे थे, तभी पूंछरी के लौठा मंदिर के पास उनकी एसयूवी का अगला टायर नाले में फंस गया। बाद में उन्हें दूसरे वाहन से मथुरा ले जाया गया।