राजस्थान विधानसभा: किरोड़ी ने सियासत में छेड़ी नई जंग...सदन में उठी सीएम के इस्तीफे की मांग, जानें पूरा मामला
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और उनकी सरकार के लिए सिर दर्द बने किरोड़ीलाल मीणा ने फिर सियासत में नई जंग छेड़ दी है। अबकी बार आरोप ऐसे लगे हैं कि बात सीएम के इस्तीफे तक आ पहुंची है। अब सीएम के इस्तीफे की गूंज सदन में उठ चुकी है।
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राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार का दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। किरोड़ीलाल मीणा के जासूसी वाले बयान पर कांग्रेस, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का इस्तीफा मांगते हुए हंगामा करती रही। इसी के बीच सीएम भजनलाल ने अपना जवाब दिया।
स्पीकर वासुदेव देवनानी कांग्रेस विधायकों के रवैये से नाराज हुए और विधायकों पर कार्रवाई करने की बात भी कही। वहीं, दूसरी तरफ सीएम भजनलाल पूरे मूड में नजर आए। कई बार जब विधायकों ने नारे बंद कर दिए तो सीएम ने कहा कि आप लोग रुक क्यों गए। किसान का बेटा हूं, पूरी तैयारी के साथ आया हूं। आप लोगों को मेरे बारे में गलतफहमी है। धीरे-धीरे मेरी आवाज बढ़ती जाएगी। किरोड़ीलाल की जासूसी के मुद्दे पर सदन के बाहर और अंदर राजनीति होती रही। सभी अलग-अलग बयान भी दिए।
दरअसल, किरोड़ीलाल मीणा ने विधानसभा से स्वास्थ्य कारणों की वजह से गैर हाजिर हैं, पर जयपुर के पास एक सभा के दौरान उन्होंने बयान दिया कि जब से मैंने परीक्षा को रद्द करने के लिए कहा, तब से मेरी जासूसी की जाती है। फोन को रिकॉर्ड किया जाता है। किसी तरह का गलत काम मैंने किया नहीं, इसलिए किसी से डरता नहीं हूं।
किरोड़ी के इस बयान के आते ही राजस्थान विधानसभा सहित पूरे राज्य में सियासत का पारा अपने चरम पर पहुंच गया। बीजेपी के पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा वरिष्ठ नेता हैं। अगर पुलिस उन पर निगरानी रख रही है तो उनकी सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा किया जा रहा होगा। अगर उन्होंने जासूसी की बात कही तो इसका खुलासा वो ही कर सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री या तो सदन में अपना स्पष्टीकरण देकर कैबिनेट मंत्री को पद से हटाएं या स्वयं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दें। कैबिनेट मंत्री किरोड़ीमीणा अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री पर 'फोन टैपिंग' और 'जासूसी' करने का गंभीर एवं संगीन आरोप लगा रहे हैं। एक कैबिनेट मंत्री द्वारा अपने मुखिया पर जासूसी कर 'भ्रष्टाचारियों को बचाने' का मामला पूरी भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार में डूबे होने का प्रमाण है। किरोड़ी के आरोपों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचारियों को लूट की खुली छूट है।
कैबिनेट मंत्री द्वारा अपने मुखिया पर इससे बड़ा आरोप नहीं हो सकता, क्योंकि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है। आरोपों पर मुखिया का स्पष्टीकरण भी आना चाहिए, राजस्थान की जनता सच जानना चाहती है। मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचारियों को बचाने के आरोपों की जांच होनी चाहिए। साथ ही संगीन आरोपों पर मुखिया का स्पष्टीकरण भी आना चाहिए, राजस्थान की जनता सच जानना चाहती है।
फोन टैपिंग पर जवाब दो
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) February 7, 2025
नहीं तो मुख्यमंत्री इस्तीफ दो
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी पर उनके कैबिनेट मंत्री किरोड़ी मीणा जी ने फोन टैपिंग का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री या तो सदन में अपना स्पष्टीकरण देकर कैबिनेट मंत्री को पद से हटाएं या स्वयं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दें।… pic.twitter.com/EcqfbdWWZx
वहीं, प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने कहा कि फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो! अगर सरकार अपने ही मंत्रियों की जासूसी कर रही है, तो आम जनता की निजता कितनी सुरक्षित है? इस तानाशाही रवैये के खिलाफ हम सदन में और सड़क पर आवाज उठाते रहेंगे! वहीं, बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा से पूछा जाए कि कांग्रेस उनका एंकाउटर करना चाहती थी कि नहीं? क्या उनके लोगों पर गोली चली की नहीं। क्या सारे बीजेपी के विधायकों ने थाने में बैठकर उनकी रक्षा की थी कि नहीं?