Rajasthan: 45 गवर्नमेंट स्कूलों में खोले जाएंगे कृषि संकाय, इन जिलों में खुलेंगे साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर
सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 45 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कृषि संकाय खोलने, व्याख्याता कृषि की 45 पोस्ट क्रिएट करने, तटरक्षक मेडल होल्डर सैनिकों को सुविधाएं और नकद पुस्कार देने, जयपुर-जोधपुर और कोटा में साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर खोलने की स्वीकृति दी है।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न जिलों के 45 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कृषि संकाय खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। साथ ही, इन विद्यालयों में व्याख्याता (कृषि) के 45 पद सृजित किए जाने की भी स्वीकृति दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रति विद्यालय व्याख्याता (कृषि) का एक पद सृजित किया जाएगा। गहलोत ने बजट वर्ष 2021-22 में राज्य के विज्ञान संकाय वाले 600 राजकीय विद्यालयों में कृषि संकाय खोले जाने की घोषणा की थी। घोषणा की क्रियान्विति में 525 विद्यालयों में कृषि संकाय खोलकर व्याख्याता (कृषि) के 525 पद पूर्व में ही सृजित किए जा चुके हैं।
प्रदेश में अब तटरक्षक मेडल से अलंकृत सैनिकों को भी राजस्थान शौर्य पुरस्कार के तहत नकद पुरस्कार और भूमि अनुदान नियम 1966 के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं का बेनिफिट मिलेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस संबंध में आवश्यक स्वीकृति दी है। प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रपति तटरक्षक मेडल (वीरता) धारकों को 6 लाख रुपए नकद और 25 बीघा सिंचित भूमि या भूमि के एवज में 25 लाख रुपये नकद दिए जाएंगे।
इसी प्रकार, तटरक्षक मेडल (वीरता) धारकों को 30 हजार रुपये नकद और 25 बीघा सिंचित भूमि या भूमि के एवज में 25 लाख रुपये नकद राशि दी जाएगी। इन श्रेणी के पदक धारकों को ये सुविधाएं 26 जनवरी 1990 से दी जाएंगी। गहलोत ने बजट वर्ष 2023-24 में इस संबंध में घोषणा की थी।
जयपुर-जोधपुर और कोटा में खुलेंगे साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर...
मुख्यमंत्री ने जयपुर, जोधपुर और कोटा मेडिकल कॉलेजों में साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर खोलने की स्वीकृति देते हुए आवश्यक फर्नीचर और उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार, यह सेंटर मेडिकल कॉलेज या हॉस्पिटल में उपलब्ध स्थान पर संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान के लिए तीन क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, छह काउंसलर्स, चार वार्ड बॉय, सिक्योरिटी गार्ड, अटेंडेण्ट और दो मशीन विद मैन की सेवाएं कॉन्ट्रैक्ट पर लेने की स्वीकृति भी दी गई है।
गहलोत ने बजट वर्ष 2023-24 में इस संबंध में घोषणा की थी। लगातार बढ़ रही मानसिक बीमारियों, स्कूल कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षा वाले बच्चों में स्ट्रेस और एंजाइटी, महिलाओं- पुरुषों में डिप्रेशन और आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं और मानसिक रोगों को देखते हुए इन साइकोलॉजी काउंसलिंग सेंटर्स के जरिए मनोविश्लेषक काउंसलिंग करेंगे। यौन उत्पीड़न, रेप पीड़िताओं, सदमे के कारण मनोस्थिति बिगड़ने वाले व्यक्तियों की भी काउंसलिंग की जाएगी।