Politics News: फिर चर्चाओं में वसुंधरा; तीन गुना मेहनत, टूटा भरोसा और राजनीति- जानें बयानों के मायने
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने हालिया बयानों से सियासी हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। जयपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में टिकने के लिए पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक निर्णायक भूमिका निभा चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। नितिन नवीन के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी की राजनीति में वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि बीते कुछ समय से राजे के बयानों में सीधा टकराव नहीं, बल्कि संकेतों की राजनीति दिखाई दे रही है। वह न तो खुलकर किसी भूमिका की घोषणा कर रही हैं और न ही सक्रिय विरोध की राह पर हैं, लेकिन उनके वक्तव्य यह साफ करते हैं कि वह हाशिये पर रहने को तैयार नहीं हैं। पार्टी के भीतर और बाहर, उनके शब्दों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
'राजनीति में दिल टूटते हैं और भावनाएं आहत होती हैं'
हालिया दो सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच से उनके भाषण सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरते नजर आए। राजे ने महिलाओं की राजनीति में स्थिति और सार्वजनिक जीवन की जटिलताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में टिके रहने के लिए पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'राजनीति में दिल टूटते हैं और भावनाएं आहत होती हैं।' राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी के तौर पर नहीं बल्कि कुछ गहरे राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। शनिवार को जयपुर में आयोजित जाट महिला शक्ति संगम को संबोधित करते हुए की। राजे ने कहा कि राजनीति में महिलाओं को स्वीकार्यता और पहचान पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। योग्यता और समर्पण के बावजूद महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक प्रयास करने पड़ते हैं। उनके इस बयान को राजनीति में महिलाओं के सामने मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों पर सीधी टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
यह भी पढें- Rajasthan News: मां की हालत देख बेटी ने तोड़ा दम, बेटी के गम में मां ने छोड़ा शरीर, बेटा ट्रेन के आगे कूदा
इसी तरह दूसरी टिप्पणी राजे ने दो दिन बाद सोमवार को डीडवाना-कुचामन जिले की छोटी खाटू में आयोजित आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में एक धार्मिक मंच से बोलते हुए की। राजे ने अहिंसा की अवधारणा को राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है और किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाना हिंसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा केवल शारीरिक नहीं होती। 'हथियारों से हमला करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है। किसी का दिल दुखाना और उसे भावनात्मक रूप से तोड़ना भी हिंसा है।' इस दौरान राजनीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने जोड़ा कहा कि राजनीति में अक्सर ऐसा होता है। दिल भी टूटते हैं और भावनाएं भी आहत होती हैं।
हालांकि यह बयान एक धार्मिक कार्यक्रम में दिया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके निहितार्थ राजनीतिक हैं। जानकारों के अनुसार, भावनात्मक चोट और टूटे भरोसे का उनका बार-बार उल्लेख आंतरिक राजनीतिक समीकरणों और सत्ता संघर्षों की ओर इशारा करता है। बीते कुछ महीनों से वसुन्धरा राजे के बयानों में एक सूक्ष्मता और अप्रत्यक्षता देखी जा रही है, जो कई तरह की राजनीतिक व्याख्याओं को जन्म दे रही है।
महिलाओं की भागीदारी के आंकड़े रखते हुए वसुन्धरा राजे ने कहा कि आज़ादी के समय देश में महिलाओं की साक्षरता दर मात्र 9 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है। आम चुनावों में महिला उम्मीदवारों की संख्या वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत है, जबकि 1957 में यह केवल 3 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि पहली लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 22 थी, जो अब बढ़कर 74 हो गई है। वहीं राज्यसभा में 1952 में महिला सदस्यों की संख्या 15 थी, जो अब 42 हो चुकी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रगति पर्याप्त नहीं है और महिलाओं का प्रतिनिधित्व पुरुषों के बराबर होना चाहिए।
राजनीतिक विशेषज्ञ मनीष गोधा ने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में लंबे समय तक सक्रिय रहीं वसुन्धरा राजे राजनीति की कठोर वास्तविकताओं से भली-भांति परिचित हैं। उनके हालिया बयानों को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। साथ ही, इन बयानों में एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी है, और एक वरिष्ठ नेता होने के नाते वे ऐसे संदेशों के महत्व को अच्छी तरह समझती हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.