फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Leopard Terror In Udaipur Man-Eater Leopard Amjad Khan Terrorized Rajasthan with 13 Human Kills Hindi News

Panther Attack: 19 साल पहले खौफ का नाम था 'अमजद खान', क्या उदयपुर में वही पैंथर मारा गया जिसने नौ को खाया?

Mon, 14 Oct 2024 11:40 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Mon, 14 Oct 2024 11:40 AM IST
सार

Panther Attack: उदयपुर में मारे गए तेंदुए को लेकर वन विभाग ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह वही आदमखोर है जो लोगों पर हमले कर रहा था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आदमखोर आजाद घूम रहा है। 19 साल पहले प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भी ऐसा खौफ देखा था। पढ़िए.. कहानी।

विज्ञापन
Leopard Terror In Udaipur Man-Eater Leopard Amjad Khan Terrorized Rajasthan with 13 Human Kills Hindi News
Leopard Terror In Udaipur: उदयपुर में पैंथर का खौफ, अब तक नौ की मौत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान का उदयपुर जिला पिछले करीब एक महीने से पैंथर यानी तेंदुए के खौफ में है। आदमखोर हो चुके तेंदुआ 20 दिन नौ लोगों को मारकर खा गया। इनके शवों की हालत ऐसी थी कि हम आपको उनकी तस्वीर भी नहीं दिखा सकते हैं। उदयपुर के गोगुंदा इलाके में लगातार एक के बाद एक हमला कर रहे तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तमाम प्रयास किए, लेकिन वह किसी भी तरह से पकड़ में नहीं आया। वन विभाग समेत अन्य एक्सर्ट तेंदुए को पकड़ने के चक्कर में जंगलों की खाक छानते रहे, लेकिन उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा। ऐसे में वन विभाग ने आदमखोर पैंथर को पकड़ने में लगी सभी टीमों में सीन एंड शूट यानी देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए। लेकिन, आदमखोर हो चुका तेंदुआ हर बार बच निकला था। 

विज्ञापन

Leopard Terror In Udaipur Man-Eater Leopard Amjad Khan Terrorized Rajasthan with 13 Human Kills Hindi News
ग्रामीणों धारदार हथियार और पीट पीटकर पैंथर को मारा। - फोटो : अमर उजाला

इसी बीच बीते दिन शुक्रवार की सुबह-सुबह गोगुंदा से करीब 25 किमी. दूर कमोल गांव में एक पैंथर ने 55 साल के देवाराम पर हमला कर दिया। देवाराम के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तेंदुए का पीछा करना शुरू किया। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और फिर लाठियों और धारदार हथियार से उसे मार डाला। कहा गया कि यह वही तेंदुआ था जो ग्रामीणों पर लगातार हमला कर रहा था। लेकिन, वन विभाग ने इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं की है।  ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आदमखोर पैंथर आजाद घूम रहा है। अगर, ऐसा है तो वह किसी ना किसी पर फिर हमला कर सकता है, क्योंकि इंसान का मास खाने के बाद आदमखोर हो चुके तेंदुए को किसी और का मास अच्छा नहीं लगता है। 

आदमखोर तेंदुए के आतंक का राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भी ऐसा खौफ देखा गया था। उस समय तेंदुए ने 13 लोगों मारकर खाया था, जबकि तीन लोग उसके हमले गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आइए, जानते हैं प्रातपगढ़ जिले में तेंदुए के खौफ की 13 साल पुरानी कहानी... 

विज्ञापन
विज्ञापन

Leopard Terror In Udaipur Man-Eater Leopard Amjad Khan Terrorized Rajasthan with 13 Human Kills Hindi News
तेंदुआ

दिसंबर 2005 से मार्च 2006 तक रहा आतंक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतापगढ़ जिले के के देवगढ़ रेंज में दिसंबर 2005 से लेकर मार्च 2006 तक तेंदुए का आतंक रहा था। तेंदुए ने सबसे पहले हमला सियाखेड़ी गांव में किया और एक महिला को मार दिया। तेंदुए के मुंह इंसानी खून लगा तो वह आदमखोर बन गया। इसके बाद उसने एक बाद एक 16 लोगों पर हमले मिए, इनमें से 13 लोगों की मौत हो गई थी। तेंदुए का खौफ देखते हुए वन विभाग ने अपनी टीम मैदान में उतारी और आदमखोर को पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। जगह-जगह पिंजरे लगाए, उनके बकरियों का रखा गया, यानी जो हो सकता था वन विभाग की टीम ने वो सब किया, लेकिन आदमखोर हाथ नहीं लगा। हालांकि, इस दौरान एक तेंदुए को मारा गया और उसे आदमखोर बताया गया। लेकिन, तेंदुए के हमले की घटनाएं नहीं रुकीं। इसके बाद मार्च 2006 में एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ और इसके बाद इंसानों पर हो रहे हमले भी रुक गए। ऐसे में इसे ही आदमखोर माना गया। पकड़े गए तेंदुए को जयपुर के चिड़ियाघर में भेजा गया, जहां उसका नाम 'अमजद खान' रखा गया।  

बूढ़ा हो गया था तेंदुआ  
चिड़ियाघर में डॉक्टरों ने आदमखोर तेंदुए 'अमजद खान' का परीक्षण किया तो पता चला कि वो बूढ़ा हो गया है। उसके दांत उखड़े हुए थे, वह जानवरों का शिकार नहीं कर सकता था। इसी कारण वह इंसानों को अपना शिकार बना रहा था। इस तेंदुए ने दिसंबर 2005 के शुरुआत में ही तीन लोगों को मार दिया था। हालांकि, इसके बाद तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। लेकिन, वह फिर लौटकर आया और फिर तीन महीने में 10 लोगों को अपना शिकार बना लिया। हमले के बाद भी तीन लोगों की जांच बन गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed