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Rajasthan: गर्भवती महिला को नहीं किया भर्ती, अस्पताल के गेट पर ही हो गया बच्चे का जन्म; तीन डॉक्टर सस्पेंड
Fri, 05 Apr 2024 09:08 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 05 Apr 2024 09:08 AM IST
सार
प्रदेश में सरकार द्वारा चिकित्सा को लेकर चलाई जा रही सारी योजनाएं धरी रह गईं जब सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने से एक गर्भवती को अस्पताल के बाहर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस असंवेदनशील हरकत के लिए चिकित्सा विभाग ने तीन डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया है।
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राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमानवीयता की हदें पार हो गईं जब दर्द से तड़पती एक गर्भवती महिला के अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। आखिरकार महिला ने अस्पताल के गेट के बाहर बच्चे को जन्म दिया। बहरहाल तीनों डॉक्टरों को उनके इस असंवेदनशील व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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आधिकारिक जानकारी के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने कहा कि मामला सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति गठित करके समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, कांवटिया अस्पताल के तीन रेजिडेंट डॉक्टरों - कुसुम सैनी, नेहा राजावत और मनोज को गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता के चलते गुरुवार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इस मामले में पर्यवेक्षी लापरवाही के लिए कांवटिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह तंवर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
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घटना बुधवार की है जब गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। अधिकारियों ने बताया कि डिलीवरी के लिए भर्ती नहीं किए जाने के बाद बाहर निकलते समय महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसे अस्पताल के गेट के पास बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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