Jaipur News: ईपीएस-95 पेंशन बढ़ोतरी की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ का प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी
संघ के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह गुर्जर, प्रदेश मंत्री यतेन्द्र कुमार और अन्य पदाधिकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रचार मंत्री अक्षय कुमार मीणा ने बताया कि वर्तमान में पेंशन और वेतन की सीमा बहुत कम है, जिससे श्रमिकों को जीवनयापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार
भारतीय मजदूर संघ, जिला जयपुर की ओर से मंगलवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएस-95) पेंशन में बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में श्रमिकों और कर्मचारी संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। संघ के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री महेंद्र सैनी ने बताया कि संगठन लंबे समय से पेंशन और वेतन सीमा में सुधार की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रमुख मांगें
- ईपीएस-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन पांच हजार रुपये की जाए।
- ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये की जाए।
- ईएसआईसी (ESIC) की वेतन सीमा 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार रुपये की जाए।
- आंगनबाड़ी एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाए।
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संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
संघ के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह गुर्जर, प्रदेश मंत्री यतेन्द्र कुमार, जिला संरक्षक योगेश सक्सेना, हरिमोहन चांडक, रतन सिंह, गोपाल चौधरी समेत अन्य पदाधिकारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया। संघ के प्रचार मंत्री अक्षय कुमार मीणा ने बताया कि वर्तमान में पेंशन और वेतन की सीमा इतनी कम है कि श्रमिकों और कर्मचारियों को अपने जीवन यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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संगठनों का समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में जिलेभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों और श्रमिकों ने भी अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शीघ्र ही इन मांगों पर विचार करने और उचित कदम उठाने की अपील की। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।