छात्रसंघ चुनाव पर सियासत तेज: 15 दिन से अनशन कर रहे शुभम रेवाड़ से मिलने SMS पहुंच गहलोत, सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसएमएस अस्पताल में अनशनरत छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल कर तत्काल वार्ता कर अनशन समाप्त कराने की अपील की।
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राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ से बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान गहलोत ने रेवाड़ के स्वास्थ्य की जानकारी ली और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त कराने की अपील की।
गहलोत ने कहा कि शुभम रेवाड़ का अनशन 15वें दिन में पहुंच चुका है और उन्होंने अब पानी पीना भी छोड़ दिया है। इसके बावजूद सरकार ने न तो उनसे संवाद करने की कोशिश की और न ही उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राएं छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर 2026 तक सभी 15 सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राजस्थान सरकार को भी इससे सीख लेते हुए छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की घोषणा करनी चाहिए।
इलाज और पानी लेने से किया इनकार
शुभम रेवाड़ पिछले 15 दिनों से छात्रसंघ चुनाव बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उन्होंने लिखित रूप से डॉक्टरों को सूचित किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे न तो कोई चिकित्सा उपचार लेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे।
आज जयपुर के SMS अस्पताल पहुंचकर 15 दिन से अनशनरत छात्र नेता श्री शुभम रेवाड़ से मुलाकात कर कुशलक्षेम जानी।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 5, 2026
श्री रेवाड़ ने कल से पानी भी त्याग दिया था। उनकी गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें जल पिलवाया एवं अनशन समाप्त करने हेतु समझाइश की।
युवाओं के प्रति भाजपा सरकार का ऐसा रवैया… pic.twitter.com/Uqr3RsmMvy
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक पानी नहीं लेने की स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने उन्हें लगातार इलाज और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है।
समर्थकों में बढ़ी चिंता
अस्पताल परिसर में मौजूद समर्थकों का कहना है कि शुभम रेवाड़ अपने आंदोलन से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार छात्रसंघ चुनाव बहाल करने को लेकर ठोस घोषणा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
गहलोत ने सरकार से अपील की कि वह अपने प्रतिनिधियों को तत्काल अस्पताल भेजकर रेवाड़ से बातचीत करे और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए अनशन समाप्त कराने का प्रयास करे।