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Jaipur: अल्का ने भीलवाड़ा कांड में सरकार को घेरा, कहा- पुलिस से परेशान पिता ने किया चिता में कूदने का प्रयास

Mon, 07 Aug 2023 06:55 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 07 Aug 2023 06:55 PM IST
सार

भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अल्का गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत महिलाओं को सुरक्षा दे नहीं सकते और बयान देते हैं कि क्या महिला सुरक्षा में हर घर पर पुलिस तैनात कर दें।

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Dr. Alka Gurjar accuses Gehlot government in Bhilwara murder case
पत्रकार वार्ता करतीं डॉ. अल्का गुर्जर और सुमन शर्मा। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

जयपुर प्रदेश में महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म की निरंतर बढ़ती वीभत्स घटनाओं को लेकर सोमवार को भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अल्का गुर्जर और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान डॉ. अल्का गुर्जर ने कहा कि भीलवाड़ा के कोटड़ी में हुए भट्ठी कांड में दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को पुलिस द्वारा इतना प्रताड़ित किया गया कि तंग आकर मृतका के अंतिम संस्कार के दौरान उसके पिता और दादा ने चिता पर कूदकर आत्मदाह का प्रयास किया। गहलोत सरकार अपराधियों को संबल और पीड़ितों को प्रताड़ना देने का काम कर रही है।

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डॉ. अल्का गुर्जर ने कहा कि एक नाबालिग के साथ गैंगरेप कर शव को भट्ठी में डाल दिया गया। उसके बाद जब पीड़ित परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जाते हैं तो प्रशासन और सरकार इस कदर हैवान बन जाते हैं, कि पुलिस दुष्कर्म पीड़िता की मार्कशीट और टीसी मांगती है। वहीं, प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत इतना गैर जिम्मेदाराना बयान देते हैं कि क्या महिलाओं के लिए हर घर पर पुलिस तैनात की जाए। पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को नहीं पकड़ा पीड़ित परिवार ने खुद आरोपियों का पीछा कर उन्हें पकड़ा। इस घटना के बाद डूंगरपुर में एक बच्ची को रास्ते से किडनैप किया जाता है, जिसमें सर्वसमाज के लोगों ने कार का पीछा कर आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा। राज का कर्तव्य सुरक्षा देने का होता है, लेकिन जो राज सुरक्षा ही न दे पाए उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। 
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सरकार ने आर्थिक सहायता मुहैया नहीं कराई
डॉ. अल्का गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत से पूछना चाहती हूं कि उनकी पार्टी के युवराज बांसवाड़ा आ रहे हैं, क्या वे डूंगरपुर, सलूंबर, कोटड़ी और बीकानेर के खाजूवाला में दुष्कर्म पीड़िताओं के घर भी जाएंगे या सिर्फ वोट मांगने ही आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार की ओर से कोटड़ी पीड़िता के परिवार को सिवाय प्रताड़ना के कोई आर्थिक सहायता मुहैया नहीं कराई गई। भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर कहते हैं कि समाज के सहयोग से हम मृतका के परिजनों को 40 लाख रुपये और संविदा नौकरी दिलाएंगे, जबकि भाजपा की महिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मौके पर गया और पीड़ित परिवार को 11 लाख का चेक सौंपा। इसके अलावा अभी तक भाजपा द्वारा विभिन्न संगठनों के सहयोग से पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। 
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अपराध इतने बढे़ कि हम फिर से नंबर वन पर आ गए
महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत एनसीआरबी के आंकड़ों को झुठलाते हैं। वे कहते हैं कि प्रदेश में महिला अपराध के मामले घटे हैं। यदि हम पूर्व के आंकड़े देखें तो 2013 में भाजपा सत्ता में आई थी। उस समय भी पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के राज में प्रदेश महिला दुष्कर्म और उत्पीड़न के मामलों में नंबर एक पर था, लेकिन जब हम पांच साल सत्ता में रहे तो महिला अपराध के मामलों में सुधार आया। उस दौरान राजस्थान देशभर में महिला अपराध के मामलों में पांचवें नंबर का प्रदेश था, लेकिन इसके बाद 2018 में कांग्रेस सरकार आने के बाद से इन पौने पांच वर्षों में 2023 तक प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध इतने बढे़ कि हम फिर से नंबर वन पर आ गए।

एक शब्द मुख्यमंत्री ने नहीं कहा
सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत रोज प्रदेश को लेकर बयान देते हैं, ट्विट करते हैं, लेकिन शर्म की बात है कि कोटड़ी दुष्कर्म पीड़िता को लेकर एक शब्द मुख्यमंत्री ने नहीं कहा। मुख्यमंत्री कहते हैं कि राजस्थान को रेगिस्तान प्रदेश कहा जाता था। अब प्रकृति भी रेगिस्तान पर मेहरबान है, लेकिन महिला अपराधों की स्थिति इतनी भयावह है कि राजस्थान को रेपिस्तान बना दिया। प्रदेश में दुष्कर्म पीड़ित युवतियां न्याय की गुहार लगा लगाकर थक चुकी हैं। न्याय की बाट में वे फंदा लगाकर आत्महत्या करती हैं, तो कभी आत्मदाह कर अपना जीवन समाप्त कर लेती हैं। सलूम्बर में दुष्कर्म की इतनी वीभत्स घटना होती है और रोज नाबालिगों को शिकार बनाया जा रहा है। सरकार अपना कर्तव्य निभा नहीं पा रही।


सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत एक विधायक के बारे में कहते हैं कि हमने उस पर कार्रवाई की है, जबकि मंत्री महेश जोशी के बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। दुष्कर्म की घटनाओं पर यदि गहलोत सरकार कुछ कर नहीं सकती तो गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बाज आए।

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