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Cow Smuggler Bail: विपक्ष ने भाजपा को घेरा, जूली बोले- मुंह में राम, बगल में छुरी' ये है BJP की असलियत

Mon, 28 Oct 2024 07:22 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 28 Oct 2024 07:22 PM IST
सार

राजस्थान के करौली जिले में 2021 में गौ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने का मामला भाजपा के लिए विवाद का कारण बन गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने वालों को इस मामले में अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

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Cow Smuggler Bail: Opposition surrounded BJP on the bail granted to cow smuggler by Supreme Court
टीकाराम जूली। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोवंश तस्करी 2021 के मामले में आरोपी को सुप्रीम कोर्ट जमानत मिलने का मामला भाजप के लिए संकट बनता जा रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार हमलावर बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया एप्स पर ट्वीट कर लिखा कि "गाय के नाम पर राजनीति करने वालों को इस मामले में अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। मुंह में राम, बगल में छुरी' ये है भाजपा वालों की असलियत"
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साल 2021 में करौली जिले में राजस्थान पुलिस ने नाजिम नामक शख्स और उनके कुछ साथियों को गौ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों को 26 गोवंशों की तस्करी कर उत्तर प्रदेश ले जाते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद कई संगीन धाराओं में मुकदमा बना। 
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आरोपी सेशन कोर्ट गए, जमानत नहीं मिली, हाईकोर्ट गए वहां भी निराशा हाथ लगी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वहां आरोपियों ने कहा जमानत दीजिए, लेकिन राजस्थान सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका के खिलाफ सरकारी काउंसिल ही नहीं पहुंचा और वकालतनामा भी पेश नहीं किया गया। आरोपी को जमानत मिल गई। कोर्ट ने फैसले में लिखा 8 अक्तूबर 2024 को राजस्थान सरकार को नोटिस दिया था, लेकिन न तो वकालतनामा आया न कोई काउंसिल।

आज प्रदेश के गोपालन विभाग ने एक नोटिस निकाला, जिसमें कहा गया कि गाय को 'आवारा' नहीं कहा जाएगा, वो अपमानजनक है, उन्हें ‘निराश्रित’ या ‘बेसहारा’ कहा जाएगा। यह भाजपा सरकार सिर्फ नाम बदलने में एक्सपर्ट है। उन्होंने कहा कि गाय भाजपा के लिए सिर्फ एक राजनीतिक हथियार है। काश ये लोग गायों को राजनीतिक हथियार न समझकर सच में इज्जत करते तो आज आरोपियों को जमानत नहीं मिलती।
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