राजस्थान: जहां स्कूल की बदहाली पर हुआ था बवाल, अब उसी जर्जर भवन पर चला बुलडोजर; 18 लाख से बनेगा नया स्कूल
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में वर्ष 1999 में बने जर्जर राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन को प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। विद्यार्थियों की सुरक्षा के चलते स्कूल को पहले ही बंद कर बच्चों को दूसरे स्थान पर भेज दिया गया था।
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बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन पर बुधवार को प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। लंबे समय से बदहाल पड़ी वर्ष 1999 में बनी स्कूल इमारत को पूरी तरह ध्वस्त कर अब नए भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही विद्यालय को बंद कर बच्चों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित कर दिया था। इसी स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की टीम का ग्रामीणों से विवाद हुआ था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया था। अब स्कूल भवन गिराकर नए निर्माण की शुरुआत होने पर सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसे संतोषजनक कदम बताया है।
1999 में बना भवन हुआ था जर्जर
रामपुरा-कंवरपुरा गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय वर्ष 1999 में बनाया गया था। लंबे समय तक मरम्मत और रखरखाव के अभाव में स्कूल की इमारत काफी जर्जर हो गई थी। भवन की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने विद्यालय को बंद कर बच्चों को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया था। अब प्रशासन ने पुराने भवन को पूरी तरह ध्वस्त कर वहां नए स्कूल परिसर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नए भवन के लिए 18 लाख रुपये मंजूर
जर्जर स्कूल भवन की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने रामपुरा-कंवरपुरा में नए भवन के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 18 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से 12 लाख रुपये और विधायक कोष से 6 लाख रुपये शामिल हैं। पुरानी इमारत को गिराने के बाद अब नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
स्कूल की बदहाली देखने पहुंची थी सीजेपी की टीम
विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर बीते महीने कॉकरोच जनता पार्टी का दल रामपुरा-कंवरपुरा गांव पहुंचा था। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्कूल की स्थिति का जायजा लिया था। इसी दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था।
21 अगस्त को हुआ था हिंसक विवाद
विद्यालय को लेकर 21 अगस्त को गांव में गंभीर विवाद हुआ था। सीजेपी का दल जब रामपुरा-कंवरपुरा पहुंचा तो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ग्रामीणों ने सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम का विरोध किया और उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए कहा। घटना के दौरान पथराव, वाहनों के शीशे तोड़ने और धक्का-मुक्की की बात सामने आई थी।
पांच सीजेपी कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल
सीजेपी के अनुसार, हिंसक घटना में उसके पांच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि सात अन्य सदस्यों को भी चोटें आई थीं। पार्टी ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया था। वहीं ग्रामीणों का पक्ष था कि वे विद्यालय की मरम्मत स्वयं कराने में सक्षम हैं और उन्होंने स्कूल के मुद्दे पर राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध किया था।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराए मामले
घटना के बाद शिवदासपुरा थाने में दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज कराए गए। ग्रामीणों ने आशुतोष रांका और उनकी टीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जबकि सीजेपी की ओर से रेखा, सलमान समेत अन्य सदस्यों ने ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। अब विवादित रहे इसी विद्यालय के पुराने भवन को गिराकर नए भवन का निर्माण शुरू होने से स्कूल के भविष्य को लेकर तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। हालांकि, 21 अगस्त की हिंसक घटना को लेकर दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है।