Rajasthan: तस्करों को गाड़ी रेंट पर लेकर बेचने वाला गिरोह पकड़ाया, मालिक ने 820 किलोमीटर किया चोरों का पीछा
Jaipur: हरेंद्र ने झुंझुनूं जाने के लिए गाड़ी बुक की, लेकिन इसका इस्तेमाल तस्करों को बेचने में किया गया। जब तस्कर गाड़ी लेकर फरार हो गए, तो मामला खुला। हरेंद्र ने कुलदीप को गुमराह करते हुए कहा कि उसका दोस्त गाड़ी लेकर गया है और लौट नहीं रहा। आइये पूरा मामला समझते हैं।
विस्तार
जयपुर के सदर थाना पुलिस ने किराए की गाड़ियां तस्करों को बेचने और बाद में वापस कब्जे में लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों, श्रवण कुमार (निवासी नागौर) और हरेंद्र सिंह (निवासी जगतपुरा) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो भी बरामद की है।
आमेर निवासी कुलदीप सिंह ने रेलवे स्टेशन रोड पर कार रेंट पर देने का व्यवसाय किया है। उन्होंने 16 मार्च को अपनी स्कॉर्पियो हरेंद्र सिंह को किराए पर दी थी। हरेंद्र ने 6000 रुपये किराया और 5000 रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए थे।
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हरेंद्र ने झुंझुनूं जाने के लिए गाड़ी बुक की, लेकिन इसका इस्तेमाल तस्करों को बेचने में किया गया। जब तस्कर गाड़ी लेकर फरार हो गए, तो मामला खुला। हरेंद्र ने कुलदीप को गुमराह करते हुए कहा कि उसका दोस्त गाड़ी लेकर गया है और लौट नहीं रहा।
गोरखधंधे का तरीका-
पहली टीम - गाड़ियों को तस्करों को 5 लाख रुपये तक में बेच दिया जाता था। तस्करों को बताया जाता था कि गाड़ी के कागजात नहीं हैं।
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दूसरी टीम - कुछ समय बाद तस्करों से संपर्क कर बताया जाता था कि गाड़ी रेंट पर दी गई थी और लापता है। दबाव बनाकर गाड़ी दोबारा हासिल कर ली जाती थी।
820 किमी का पीछा
गाड़ी की अंतिम लोकेशन नागौर के बुटाटी धाम पर मिली। कुलदीप ने 820 किलोमीटर तक पीछा कर तस्करों को पकड़ा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हरेंद्र और श्रवण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला कि श्रवण के खिलाफ नागौर के नावां सिटी और कुचेरा थानों में डोडा चूरा तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुलदीप की स्कॉर्पियो बरामद कर ली है। मामले में आगे की जांच जारी है।