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राजस्थान में रेप मामलों में 15 दिन में चालान
जयपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jan 2013 08:54 PM IST
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राजस्थान में दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ अदालत में अब 15 दिनों के भीतर चालान पेश होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करने, तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौका, मुआयना एवं अनुसंधान पूरा कर 15 दिन में चालान पेश करने को कहा है।
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राज्य सरकार ने महिला अत्याचार एवं बलात्कार संबंधी प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। कार्ययोजना के तहत पीड़ित के बयान उसके निवास अथवा इच्छित स्थान पर लेने, विभिन्न स्तरों पर महिला यौन अपराध निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना तथा कैमरा ट्रायल जैसे व्यापक उपाय किए गए है।
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कार्य योजना में ये भी
- बलात्कार की घटना की सूचना मिलते ही एफआईआर और तुरंत मेडिकल बोर्ड अथवा चिकित्सक से उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा।
- पुलिस अधीक्षक अथवा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक 24 घंटे में घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। सारगर्भित सुपरवाइजरी नोट भी जारी करेंगे, जो केस फाइल में लगाया जाएगा।
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- थानाधिकारी आवश्यक रूप से अनुसंधान करेंगे।
- महिला अधिकारी अथवा कर्मचारी की उपस्थिति में बयान।
- पीड़ित की इच्छा होने पर महिला संगठन की कार्यकर्ता के समक्ष बयान लिया जाएगा।
- पुलिस मुख्यालय तथा पुलिस अधीक्षक स्तर पर महिला यौन अपराध निराकरण प्रकोष्ठों की स्थापना की जाएगी।
- प्रकरण दर्ज करने में देरी पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई।
--महिला परिवादी एवं गवाहों को सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय से पूर्व थानों पर नहीं बुलाना।