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Hindi News ›   Rajasthan ›   International Women's Day Story of Ruma Devi of Rajasthan who lectured at Harvard University

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 8वीं पास महिला हावर्ड पहुंची, 22 हजार महिलाओं को बनाया हुनरमंद, पढ़िए उनके संघर्ष की कहानी

Tue, 08 Mar 2022 02:13 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Tue, 08 Mar 2022 02:13 PM IST
सार

बाड़मेर के छोटे से गांव की रूमा देवी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने अपने हुनर के बल पर विदेशों तक अपना लोहा मनवाया है। रूमा के प्रतिभा के अमिताभ बच्चन भी कायल हैं।

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International Women's Day Story of Ruma Devi of Rajasthan who lectured at Harvard University
रूमा देवी - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

कहते हैं कि काबिलियत और जुनून हो तो कोई बाधा कामयाबी के आड़े नहीं आती। यही साबित कर दिखाया है राजस्थान की रूमा देवी ने। रूमा देवी महिला सशक्तिकरण की जीती जागती मिसाल हैं। आज हम आपको महिला दिवस पर रूमा देवी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके हुनर का डंका हावर्ड यूनिवर्सिटी तक बज चुका है। 8वीं पास रूमा देवी ने करीब 22 हजार महिलाओं को रोजगार मुहैया करवाया है। 

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संघर्षों से भरा रहा जीवन

1989 में बाड़मेर के रावतसर में रूमा देवी का जन्म हुआ था। जब वह चार साल की थीं तो उनकी मां का निधन हो गया। उसके बाद जीवन मानो रूमा से रूठ गया। जैसे-तैसे 8वीं तक पढ़ाई की। फिर घरवालों ने पढ़ाई बंद करवाकर शादी कर दी। गृहस्थी जीवन संभला भी नहीं था कि उनका बच्चा बीमार पड़ गया। ससुराल में पैसों की कमी के कारण उसका इलाज नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई। यहीं से रूमा ने ठाना कि वो अब नियति के भरोसे नहीं बैठ सकती हैं। गरीबी ने उनसे पढ़ाई, बच्चा और खुशी सबकुछ छीन लिया था। उन्होंने निश्चिय कर लिया था कि अब वो अपने पैरों पर खड़ी होंगी। 





 
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महिलाओं को कशीदाकारी सिखाती रूमा - फोटो : Amar Ujala Digital
कशीदाकारी के हुनर को बनाया हथियार

रूमा को बचपन से ही कशीदाकारी का काम आता था। इस हुनर को ही उन्होंने अपना हथियार बनाया और वो दीप-देवल नाम के एक एनजीओ से जुड़ गईं। कशीदाकारी के काम करने वाली रूमा देखते-देखते सबकी चहेती बन गई। साल 2010 में उन्हें एनजीओ का अध्यक्ष बना दिया गया। आज रूमा देवी की पहचान फैशन डिजाइनर की है। जिनके कशीदाकारी कपड़ों की विदेशों तक मांग है।

 
विदेश के कई फैशन शो में दिखा हुनर

इसके बाद रूमा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके सपनों को पंख लग चुके थे। रूमा अब अपने पैरों पर खड़ी थी। फिर उन्होंने दूसरी महिलाओं को भी सशक्त करने की ठानी। उन्होंने महिलाओं को एनजीओ से जोड़ना शुरू किया। आज इस एनजीओ से 75 गांवों की 22 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं। ये महिलाएं हस्तशिल्प के उत्पाद बनाकर अपना घर चलाती हैं। एनजीओ का हस्तशिल्प से बना उत्पाद विदेशों में जाता है। रूमा के बनाए कपड़ों को लंदन, जर्मनी, सिंगापुर और कोलंबो के फैशन शो में भी दिखाया जा चुका है।

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केबीसी में रूमा देवी और सोनाक्षी सिन्हा - फोटो : Youtube
केबीसी में जीते थे 12 लाख 50 हजार रुपये

रूमा देवी अपनी काबिलियत 'कौन बनेगा करोड़पति' में भी दिखा चुकी हैं। वो अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट पर नजर आई थीं। उन्होंने अमिताभ बच्चन के सवालों को बखूबी जवाब देकर 12 लाख 50 हजार रुपये जीते थें। केबीसी में उनका साथ अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने दिया था। वहीं रूमा ने जीते हुए पैसे अपने एनजीओ की महिलाओं के उत्थान में लगाने की बात कही थी। अमिताभ बच्चन ने रूमा के प्रयासों की खूब सराहना की थी।

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राष्ट्रपति से सम्मान लेती रूमा देवी - फोटो : Social Media
नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित
रूमा के हुनर और उनकी काबिलियत की वजह से उन्हें हावर्ड यूनिवर्सिटी में लेक्चर देने के लिए बुलाया गया था। हजारों विदेशी के सामने रूमा ने लेक्चर देकर राजस्थान सहित भारत का मान बढ़ाया। वहीं महिला दिवस पर 2018 में उन्हें राष्ट्रपति ने नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया था।
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