Rajasthan: जयपुर एयरपोर्ट पर नेपाली लड़कियों की तस्करी, नौकरी दिलाने के लिए दिल्ली लाए, जबरन भेज रहे थे दुबई
रेस्क्यू हुई लड़कियों ने काउंसलिंग में बताया कि नेपाल से आने के बाद उन्हें दिल्ली के एक होटल में रखा गया था। वहां, वे साथ दिन रहीं, इस दौरान उनके पासपोर्ट बनवाए गए। उन्होंने बताया कि उनके साथ 12 नेपाली लड़कियां और थी। ऐसे में पुलिस के उनकी भी तस्करी होने की आशंका है।
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिला तस्करी का मामला सामने आया है। यहां जयपुर एयरपोर्ट पर पुलिस ने दो नेपाली लड़कियों को रेस्क्यू किया, जिन्हें जबरन दुबई ले जाया जा रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपाल से दिल्ली में लाया गया था। जिसके बाद उनके पासपोर्ट बनाए गए। दिल्ली एयरपोर्ट पर ज्यादा सख्ती होने के कारण इन्हें जयपुर से दुबई भेजा जा रहा था, लेकिन मामले की जानकारी लगते ही पुलिस एक्टिव हुई और रोक लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनजीओ मिशन मुक्ति फाउंडेशन मानव तस्करी को लेकर काम करती है। फाउंडेशन के विरेंद्र सिंह को शनिवार रात को जयपुर एयरपोर्ट से 24 और 34 साल की दो नेपाली महिलाओं को जबरन दुबई भेजने की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना डीसीपी ईस्ट राजीव पचार को दी। जिसके बाद पचार ने एयरपोर्ट थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
रविवार सुबह चार बजे एयरपोर्ट थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं को रेस्क्यू किया। हालांकि, इस दौरान उनके साथ कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। दोनों महिलाओं को हिंदी भाषा नहीं आती है। वह सिर्फ नेपाली भाषा में बात कर रही हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों को उनकी बातें समझ नहीं आ रही हैं। फिलहाल उन्हें आदर्श नगर स्थित सेवा सदन में रखा है। पुलिस ने नेपाल एंबेसी को उनके बारे में जानकारी दे दी हैं।
दोनों महिलाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इमिग्रेशन टीम, जयपुर पुलिस और नेपाल एंबेसी से बात कराई गई। इस दौरान महिला तस्करी का मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि वे नेपाल में रहने वाली एक महिला को जानती है। उसने उन्हें अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही थी। जिसके बाद उसने उसे दिल्ली भेज दिया।
नौकरी के लिए दिल्ली पहुंची इन लड़कियों को यहां आकर पता चला कि उन्हें दुबई भेजा जा रहा है। इसके बाद दोनों ने अपने परिवार से बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉल नहीं लगे। बाद में होटल पहुंकर दोनों लड़कियों ने अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। लड़कियों ने बताया कि उन्हें जबरन दुबई भेजा जा रहा है। एक लड़की के भाई एसएसबी में कार्यरत एक इंस्पेक्टर को मामले की सूचना दी। जिसके बाद उन्होंने यह सूचना एनजीओ मिशन मुक्ति फाउंडेशन को दी। एनजीओ ने जयपुर पुलिस, इमीग्रेशन टीम और नेपाल एंबेसी की मदद से दोनों महिलाओं को रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू हुई लड़कियों ने काउंसलिंग में बताया कि नेपाल से आने के बाद उन्हें दिल्ली के एक होटल में रखा गया था। वहां, वे सात दिन रहीं, उनके साथ 12 नेपाली लड़कियां और थी। उन्हें भी हिंदी भाषा नहीं आती थी, वह सिर्फ नेपाली भाषा में ही बात कर रहीं थीं। उन लड़कियों को भी नौकरी दिलाने की बात कहकर दिल्ली लाया गया था। उनके पासपोर्ट बनवाए जा रहे थे। दोनों लड़कियों से मिली जानकारी के बाद दिल्ली और जयपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, तस्करी करवा रही महिला के के बारे में नेपाल एंबेसी जानकारी जुटा रही है।