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राजस्थान: हाईटेंशन लाइन से नौ किलोमीटर तार चोरी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के आरोपी गिरफ्तार
Mon, 05 Oct 2026 05:31 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 05 Oct 2026 05:31 PM IST
सार
भीलवाड़ा पुलिस ने हाईटेंशन लाइन से करीब नौ किलोमीटर लंबे तार चोरी होने के मामले का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भीलवाड़ा पुलिस ने हाईटेंशन लाइन से करीब नौ किलोमीटर लंबे तार चोरी होने के मामले का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा है, जिनमें से एक आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम, एक को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और तीसरे आरोपी को दिल्ली स्थित उसके कबाड़ के गोदाम से दबोचा गया। पुलिस ने इस चोरी का खुलासा करने के लिए लगभग 1,000 किलोमीटर लंबे मार्ग के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और वारदात में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय बिजली तार चुराने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
एल्युमिनियम के कीमती तार और लोहे के अन्य उपकरण चोरी
गुलाबपुरा के थाना प्रभारी संजय गुर्जर ने बताया कि चोरी की यह वारदात सोनियाणा गांव के पास हुई थी। गांव के निकट टावर संख्या 70/0 से 71/0 के बीच लगभग 4,833 मीटर लंबी हाईटेंशन लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान 28 सितंबर को परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रभु महतो पुत्र क्लोकी महतो ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि टावर से संबंधित एल्युमिनियम के कीमती तार और लोहे के अन्य उपकरण अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं।
रूट ट्रेस कर पकड़े आरोपी
मामला दर्ज करने के पश्चात पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सभी संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। लगभग 1,000 किलोमीटर तक के मार्ग की सघन जांच के बाद पुलिस को चोरी में प्रयुक्त ट्रक की जानकारी मिली। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग दिए। चालक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के तार खरीदने वाले आरोपियों का पता लगाकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने करोड़ों रुपये के तार चोरी के इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में पहला साबिर हुसैन (42) पुत्र भिखारी हुसैन मंसूरी है, जो गली नंबर 9, सूरत नगर फेस-2, गुरुग्राम, हरियाणा का रहने वाला है। दूसरा आरोपी दिलशाद (44) पुत्र बच्चन मंसूरी है, जो आजाद कॉलोनी, गढ़े वाली मस्जिद के पास, थाना लोनी बॉर्डर, जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी है। तीसरा आरोपी माणिकचंद (40) पुत्र बृजनंदन गाढ़रिया है, जो नगला भैंस, थाना दादाबाजार, जिला हाथरस, उत्तर प्रदेश का निवासी है और दिल्ली में कबाड़ का गोदाम चलाता है।
दूसरे राज्यों से आकर वारदात को देते थे अंजाम
तकनीकी जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह के बदमाश दूसरे राज्यों से आकर राजस्थान की बिजली परियोजनाओं और हाईटेंशन लाइनों को निशाना बनाते थे। आरोपी देर रात के समय मौका देखकर हाईटेंशन लाइन के तार कटर से काटते थे और उन्हें ट्रक में भरकर ले जाते थे। इसके बाद चोरी किए गए इन तारों को विभिन्न राज्यों में स्थित कबाड़ के गोदामों में बेच दिया जाता था।
पुलिस की तकनीकी टीम और पुलिसकर्मियों के लगातार पीछा करने से यह गिरोह पकड़ा जा सका। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ के दौरान तार चोरी की कई अन्य वारदात के सामने आने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की टीमें गिरोह के फरार सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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एल्युमिनियम के कीमती तार और लोहे के अन्य उपकरण चोरी
गुलाबपुरा के थाना प्रभारी संजय गुर्जर ने बताया कि चोरी की यह वारदात सोनियाणा गांव के पास हुई थी। गांव के निकट टावर संख्या 70/0 से 71/0 के बीच लगभग 4,833 मीटर लंबी हाईटेंशन लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान 28 सितंबर को परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रभु महतो पुत्र क्लोकी महतो ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि टावर से संबंधित एल्युमिनियम के कीमती तार और लोहे के अन्य उपकरण अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं।
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रूट ट्रेस कर पकड़े आरोपी
मामला दर्ज करने के पश्चात पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सभी संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। लगभग 1,000 किलोमीटर तक के मार्ग की सघन जांच के बाद पुलिस को चोरी में प्रयुक्त ट्रक की जानकारी मिली। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग दिए। चालक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के तार खरीदने वाले आरोपियों का पता लगाकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने करोड़ों रुपये के तार चोरी के इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में पहला साबिर हुसैन (42) पुत्र भिखारी हुसैन मंसूरी है, जो गली नंबर 9, सूरत नगर फेस-2, गुरुग्राम, हरियाणा का रहने वाला है। दूसरा आरोपी दिलशाद (44) पुत्र बच्चन मंसूरी है, जो आजाद कॉलोनी, गढ़े वाली मस्जिद के पास, थाना लोनी बॉर्डर, जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी है। तीसरा आरोपी माणिकचंद (40) पुत्र बृजनंदन गाढ़रिया है, जो नगला भैंस, थाना दादाबाजार, जिला हाथरस, उत्तर प्रदेश का निवासी है और दिल्ली में कबाड़ का गोदाम चलाता है।
दूसरे राज्यों से आकर वारदात को देते थे अंजाम
तकनीकी जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह के बदमाश दूसरे राज्यों से आकर राजस्थान की बिजली परियोजनाओं और हाईटेंशन लाइनों को निशाना बनाते थे। आरोपी देर रात के समय मौका देखकर हाईटेंशन लाइन के तार कटर से काटते थे और उन्हें ट्रक में भरकर ले जाते थे। इसके बाद चोरी किए गए इन तारों को विभिन्न राज्यों में स्थित कबाड़ के गोदामों में बेच दिया जाता था।
पुलिस की तकनीकी टीम और पुलिसकर्मियों के लगातार पीछा करने से यह गिरोह पकड़ा जा सका। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ के दौरान तार चोरी की कई अन्य वारदात के सामने आने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की टीमें गिरोह के फरार सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।