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Rajasthan: स्वास्थ्य मंत्री मीणा बोले- चिकित्सा संस्थानों में मरीजों को दवा निशुल्क मिले, सभी जांच भी फ्री में हों

Wed, 20 Apr 2022 05:35 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 20 Apr 2022 05:35 PM IST
सार

स्वास्थ्य मंत्री मीणा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना का अभी ट्रायल चल रहा है। चिकित्सा कर्मचारी सहयोग करेंगे तो प्रदेश एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में इबारत गढ़ेगा।

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Free medicines to patients in all medical institutions and tests should also be free says Minister Parsadi Lal Meena
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करते चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि 'मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान' योजना प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी योजना है। उन्होंने प्रदेश के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों से योजना के सफल क्रियान्वयन में भागीदार बनने का आह्वान किया।

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स्वास्थ्य मंत्री मीणा ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2011 में जब 'मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना' का आगाज हुआ था, तब लोगों को इसके सफल होने पर आशंकाएं थी। चिकित्सा कार्मिकों के सहयोग से यह योजना आज देश भर के लिए मिसाल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना का अभी ट्रायल चल रहा है। चिकित्सा कर्मचारी सहयोग करेंगे तो प्रदेश एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में इबारत गढ़ेगा।
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मीणा ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में आईपीडी, ओपीडी की दवाएं और सभी जांच निशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित की जाए। आईपीडी में भर्ती मरीज के लिए बेड साइड ऐसा सिस्टम विकसित करें ताकि उन्हें दवा की पर्ची ही ना दी जाए। ओपीडी में आने वाले मरीज को संस्थान में उपलब्ध दवाई ही लिखी जाए। उन्होंने कहा कि दवाएं उपलब्ध ना होने पर वैकल्पिक दवा लिखकर जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है।
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मेडिकल शिक्षा प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि अप्रैल महीने तक प्रदेश में ट्रायल चल रहा है। एक मई से प्रदेशभर में योजना विधिवत शुरू हो जाएगी। ऐसे में चिकित्सक आमजन को योजना के अनुरूप चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एसेंशियल ड्रग लिस्ट के अलावा दवाओं की जरूरत होने पर अधिकारीगण आरएमएससीएल या नियमनुसार रेट कांटेक्ट कर दवा खरीद सकते हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से भी आवश्यकतानुसार दवाओं को क्रय किया जा सकता है।


वीडियो कांफ्रेंसिंग में उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और अन्य मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से इस महत्वाकांक्षी योजना पर बनाई कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस अवसर पर एसएमएस अस्पताल के डॉ अमरजीत सिंह मेहता ने योजना के तहत किए जा रहे कार्यों को भी पीपीटी के माध्यम से बताया। उन्होंने योजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किए जाने के लिए भी आश्वस्त किया।

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