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अजीब सजा, कोर्ट ने महिला को दिनभर खड़ा रखा
समीर शर्मा/ अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 12 Feb 2014 05:19 PM IST
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दुष्कर्म को लेकर झूठा मुकदमा दर्ज करवानेवाली महिला को जोधपुर की निचली अदालत ने दिनभर खड़े रहने की सजा दी और सौ रुपए का जुर्माना लगाया।
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महिला ने बहला-फुसलाकर अपहरण व दुष्कर्म करने की एक प्राथमिकी दर्ज करवाई थी, जो झूठी साहित हुई। आदेश के तहत महिला दिनभर कोर्ट परिसर में खड़ी रही।
जानकारी के अनुसार मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला ने झूठा मामला दर्ज करवाना स्वीकार भी किया। अदालत के सामने आया कि दुष्कर्म के आरोप लगाने की साजिश में महिला के साथ उसका पिता भी शामिल था।
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जांच में महिला के आरोप झूठे निकले। ऐसे में पुलिस ने प्राथमिकी को झूठी मानते हुए कोर्ट में एफआर पेश की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया।
जोधपुर पुलिस आयुक्त के आदेशानुसार पुलिस ने झूठा मामला दर्ज करवाने वाले के खिलाफ कोर्ट में आईपीसी की धारा 182/211 के तहत इस्तागासा पेश किया था।
जिसमें किसी आरोपी पर झूठा मामला दर्ज कराने तथा पुलिस का समय व संसाधन का दुरूपयोग का आरोप लगाया गया। इस इस्तगासे पर महिला कोर्ट में पेश हुई थी।