{"_id":"65c0e1df8bfd41f8e00aea4b","slug":"dholpur-news-demonstration-of-asha-associates-regarding-11-point-demand-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dholpur News: 11 सूत्रीय मांग को लेकर आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, मांगे नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dholpur News: 11 सूत्रीय मांग को लेकर आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, मांगे नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी
Mon, 05 Feb 2024 06:55 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 05 Feb 2024 06:55 PM IST
सार
11 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा सहयोगिनी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही डीएम को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। मांगे नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन
आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धौलपुर जिले की आशा सहयोगिनी महिलाओं ने सोमवार को लामबंद होकर कलेक्ट्रट कार्यालय का घेराव कर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर श्री निधि बीटी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। ज्ञापन के माध्यम से 11 सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग की है। मांगे लागू नहीं होने पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
आशा सहयोगिनी मीना, आशा एवं नाजिमा ने बताया कि राज्य सरकार उनके हितों के साथ कुठाराघात कर रही है। 11 सूत्रीय मांग राज्य सरकार से विगत लंबे समय से रखी जा रही है। लेकिन सरकार आंख कान बंद किए हुए बैठी है। कोरोना काल के दौरान आशा सहयोगिनी महिलाओं ने जान की बाजी लगाकर सेवा की थी। लेकर राज्य सरकार ने कोरोना काल के दौरान किए गए संघर्ष का कुछ भी नहीं दिया है। आशा सहयोगिनी महिलाओं को महज 4000 रुपये मासिक दिया जाता है, जिससे परिवार का भरण पोषण नामुमकिन है।
विज्ञापन
मांग करते हुए कहा कि अमुक राशि को बढ़ाकर 18,000 रुपये राज्य सरकार को करना चाहिए। इसके अलावा आरजीएचएस कार्ड में आशा सहयोगिनी को सम्मलित करना चाहिए। उन्होंने कहा सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं, इसके बदले में महज एक कार्ड के ₹5 दिए जा रहे हैं। पांच रुपये की मजदूरी आशा सहयोगिनी के लिए नाकाफी हो रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कम से कम 20 रुपये आयुष्मान कार्ड का मानदेय होना चाहिए।
विज्ञापन
आशा सहयोगिनी महिलाओं का कहना है कि 11 सूत्रीय मांग कांग्रेस सरकार के समय से महिलाएं करती आ रही हैं। लेकिन सत्ता परिवर्तन होने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके हित और हकों का हनन किया जा रहा है। सोमवार को लामबंद होकर आशा सहयोगिनी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। डीएम को सीएम के नाम ज्ञापन प्रेषित कर 11 सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग रखी है। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा, अगर सरकार ने 11 सूत्रीय मांगों को लागू नहीं किया तो आशा सहयोगिनी महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी।