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Singrauli: रोजी-रोटी के लिए कोयला परिवहन शुरू कराने की मांग; पोस्टर और बैनर के साथ सरई तहसील पहुंचे ग्रामीण
Sun, 10 Sep 2023 10:22 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 10 Sep 2023 10:22 AM IST
सार
ग्रामीणों ने कोयला परिवहन चालू करवाने की फ़रियाद लगाते हुए कहा कि कुछ बाहरी लोग निजी स्वार्थ के कारण स्थानीय लोगों को उकसाकर धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं।
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कोयला परिवहन के लिए ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
सिंगरौली जिले के सरई तहसील अंतर्गत सुलियारी कोल माइंस के प्राभवित ग्रामीणों ने एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह, एसडीओपी शशांक जैन और लंघाडोल थाने के टीआई अभिषेक सिंह परिहार को ज्ञापन सौंप कर बंद पड़े कोयला परिवहन को जल्द चालू करवाने की गुहार लगाई।
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पोस्टर और बैनर के साथ सरई तहसील पहुंचे 50 से अधिक ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से पिछले 16 दिनों से कोयला परिवहन के बंद होने से हो रही परेशानियों से अवगत करवाया।
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ग्रामीणों ने इन अधिकारियों के समक्ष जल्द से जल्द कोयला परिवहन चालू करवाने की फ़रियाद लगाते हुए कहा कि कुछ बाहरी लोग निजी स्वार्थ के कारण स्थानीय लोगों को उकसाकर धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। कुछ गैर स्थानीय लोग ग्रामीणों को धोखे में रखकर 24 अगस्त से सुलियारी कोल माइंस से कोयले के परिवहन को रोके हुए हैं। ऐसे में आम ग्रामीणों को काफी नुकसान पहुंच रहा है और उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। कोयला खनन और परिवहन से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर छोटा-मोटा रोजगार मिलता है। गौरतबल है कि सुलियारी कोल प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों में डोंगरी, झलरी, मझौली पाठ, बेलवार, आमडांड़, अमरई खोह और बजौड़ी शामिल है।
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देवसर उपखंड एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एपीएमडीसी के तरफ से अधिकतर मांगों को पूरा किया जा चुका है। उपखण्ड अधिकारी ने यह भी कहा कि धरना प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई है। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को कोयला परिवहन रोकने के लिए उकसा रहे बाहरी तत्वों की पहचान की जाएगी, ताकि उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सके।