{"_id":"669a88e93bc33a5c4e0e92bb","slug":"dausa-news-now-food-will-not-be-available-in-weddings-after-12-00-midnight-2024-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dausa News: अब रात 12:00 बजे के बाद नहीं मिलेगा शादियों में खाना, जानें क्या है इसके पीछे की वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dausa News: अब रात 12:00 बजे के बाद नहीं मिलेगा शादियों में खाना, जानें क्या है इसके पीछे की वजह
Fri, 19 Jul 2024 09:10 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 19 Jul 2024 09:10 PM IST
सार
लगातार बुकिंग और कम स्टाफ होने के चलते कर्मियों को आराम नहीं मिल पाता इसके चलते दौसा के व्यवसाइयों ने सामूहिक मीटिंग में ये बड़ा प्रस्ताव पास किया। इसके बाद रात 12:00 बजे काम बंद करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
दौस व्यापारियों की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अब दौसा के मैरिज गार्डनों में रात 12:00 बजे बाद नहीं मिलेगा भोजन। ये फैसला शुक्रवार को दौसा में टेंट, कैटरिंग और फूल व्यवसाय तथा लोन मालिकों की मीटिंग में हुआ।
विज्ञापन
मैरिज गार्डन संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील बढेरा ने बताया कि हम लोगों के पास ऊपर नीचे बुकिंग होने के चलते स्टाफ सीमित होता है। जो स्टाफ आज काम करेगा तो वही स्टाफ कल के कार्यक्रम में भी काम करता है। इसके चलते लगातार काम का बोझ रहता है। हम लोग अगले दिन का काम सही ढंग से नहीं कर पाते। इसलिए हम लोगों ने आज ये सामूहिक निर्णय लिया है कि रात 12:00 बजे बाद न केटरिंग वाला काम करेगा न फ्लावर डेकोरेशन वाला न लाइट वाला और न ही टेंट और गार्डन के काम करने वाले लोग। रात 12:00 बजे बाद सारे कामों को हर सूरत पर बंद करके अगले दिन के कार्यक्रम की तैयारी की जाएगी।
विज्ञापन
टेंट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि हम लोग संगठन के बैनर तले तमाम लोगों को सुविधा मुहैया करवाने के लिए समय-समय पर बदलाव करते रहते हैं, क्योंकि हमारा उद्देश्य तमाम लोगों की वेलफेयर करना है। इसलिए हम आगे भी इन सबके वेलफेयर के लिए काम करते रहेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि टेंट और कैटरिंग फ्लावर और लाइट व्यवसाइयों के इस फैसले के बाद कुछ दिन लोगों को बुरा जरूर लगेगा, लेकिन धीरे-धीरे रात 12:00 बजे खाना नहीं मिलने का चलन आसानी बन जाएगा।