दौसा: मतदान से पहले ही मिला जीत का तोहफा, विरोधी के अभाव में निर्विरोध निर्वाचित हुईं कांग्रेस प्रत्याशी
दौसा नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने मतदान से पहले ही जीत का खाता खोल लिया है। वार्ड नंबर 26 से कांग्रेस प्रत्याशी यास्मीन बानो निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। भाजपा प्रत्याशी का नामांकन नहीं हो सका, जबकि तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया।
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नगर परिषद दौसा के चुनाव में मतदान से पहले ही बड़ा उलटफेर हो गया, जिसके चलते चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने अपना खाता खोल दिया है। वार्ड नंबर 26 में कांग्रेस प्रत्याशी यास्मीन बानो निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गई हैं। बिना वोटिंग के मिली इस जीत ने पूरे नगर निकाय चुनाव की चर्चा को गरमा दिया है। दरअसल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में भाजपा की एक बड़ी चूक है। वार्ड नंबर 26 में भाजपा की ओर से प्रत्याशी का नामांकन ही दाखिल नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि संगठनात्मक तालमेल की कमी के चलते भाजपा प्रत्याशी का पर्चा ही जमा नहीं हो सका और भाजपा की इस लापरवाही का कांग्रेस ने तुरंत फायदा उठाते हुए अपनी रणनीति को तेजी से आगे बढ़ाया और वार्ड नंबर 26 की सीट पर अपना कब्जा जमा लिया।
इस वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी यास्मीन बानो के सामने तीन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय से चतुष्कोणीय बन गया था लेकिन यहां दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने अपनी राजनीतिक चतुराई दिखाई। विधायक बैरवा ने खुद मोर्चा संभाला और तीनों निर्दलीय प्रत्याशियों से अलग-अलग मुलाकात कर उन्हें समझाइश देकर कांग्रेस के पक्ष में बैठने के लिए राजी कर लिया। कांग्रेस की इस रणनीति का असर नाम वापसी के अंतिम दिन देखने को मिला, जब तीनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक-एक कर अपने नामांकन वापस ले लिए।
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नाम वापसी के बाद वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी यास्मीन बानो अकेली उम्मीदवार बचीं। ऐसे में निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। बिना प्रचार, बिना मतदान और बिना किसी विरोध के कांग्रेस को नगर परिषद की पहली और सबसे आसान जीत मिल गई। निर्विरोध निर्वाचित घोषित होते ही वार्ड नंबर 26 में जश्न का माहौल बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ यास्मीन बानो का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं की एकजुटता की जीत है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया और पूरे वार्ड में बधाइयों का दौर चलता रहा।
इस मौके पर यास्मीन बानो ने कहा कि वे पिछली बार भी इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं और हमेशा कार्यकर्ता की भावना से काम किया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी जनता के बीच कार्यकर्ता बनकर ही रहना चाहिए। जनता ने जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी। वार्ड का विकास बिना किसी भेदभाव के किया जाएगा, हर गली-मोहल्ले में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने विधायक दीनदयाल बैरवा और नाम वापस लेने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों का आभार जताया।