दौसा: राजस्थान हाईकोर्ट की टारगेट केस निस्तारण कार्ययोजना के विरोध में वकील, तत्काल वापस लेने की मांग
राजस्थान हाईकोर्ट की टारगेट केस निस्तारण कार्ययोजना के विरोध में जिला अभिभाषक संघ ने विशेष बैठक की। वकीलों ने कहा कि इससे मामलों की तैयारी, कानूनी प्रक्रिया और प्रभावी पैरवी प्रभावित होगी। उन्होंने कार्ययोजना वापस लेने और धरना जारी रखने की मांग की।
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राजस्थान हाईकोर्ट की टारगेट केस से जुड़े मामलों के निस्तारण की कार्ययोजना के विरोध में वकील भी उतर आए हैं। प्रदेश स्तरीय अभिभाषक संघ के आह्वान के बाद जिला अभिभाषक संघ ने भी कार्ययोजना का विरोध किया है। इस संबंध में संघ की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें वकीलों ने कार्ययोजना को तत्काल वापस लेने की मांग की।
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष कुंज बिहारी शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना लागू होने पर मामलों के निस्तारण की संख्या बढ़ाने का दबाव रहेगा। इससे गवाहों की मुख्य परीक्षा और जिरह जैसे महत्वपूर्ण कानूनी चरणों की अनदेखी होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे वकीलों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नए मुकदमों को भी टारगेट श्रेणी में रखने से वकीलों को मामलों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। ऐसे में पक्षकार का पक्ष प्रभावी तरीके से रखने में भी परेशानी हो सकती है।
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कार्ययोजना के विरोध में बुलाई गई विशेष बैठक में वकीलों ने एक स्वर में नई टारगेट केस निस्तारण कार्ययोजना को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान महासचिव रामेश्वर प्रसाद बेरवा, पुस्तकालयाध्यक्ष रविशंकर गंगावत, मुरली मनोहर शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य महेश कुमार मनसुका, जितेंद्र गंगावती, भुवनेश्वर प्रसाद गंगावत गुरु, महेश्वर प्रसाद गंगावती, दिनेश शांडिल्य, राजेंद्र टोडाभीम, ओमप्रकाश हरसान, मानसिंह, विष्णु गौतम, धर्मेंद्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य पांचू राम मेहरा, अनिल शर्मा, बजरंग लाल शर्मा, रामचरण शर्मा, जितेंद्र जी तिवारी, वरुण नगर, विनोद विजय, मदन मोहन बेरवा, अशोक बैरवा, रामलाल गोठवाल, नरेंद्र शर्मा, शिव कुमार शर्मा, दयाराम गुर्जर, सीताराम दायमा, सुनील मिश्रा, सुनील सैनी, विनोद बंसीवाल, सुरेश बंसीवाल, द्वारका प्रसाद शर्मा, कृष्णकांत शर्मा सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। वकीलों ने कार्ययोजना के विरोध में चल रहे धरने को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया।