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Dausa: रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम तो स्कूल प्रशासन ने बच्चों को किया आगे, हुआ बवाल

Fri, 02 Aug 2024 05:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 02 Aug 2024 05:26 PM IST
सार

राजस्थान के दौसा जिले में रेलवे की दो करोड़ की जमीन पर एक स्कूल ने अवैध कब्जा जमा रखा है। कोर्ट के आदेश पर जब शुक्रवार को टीम अवैध कब्जा हटाने पहुंची तो भारी बवाल मच गया।

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Dausa Illegal occupation railway land team arrived remove encroachment school administration children forward
स्कूली बच्चों ने जेसीबी पर किया पथराव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कहते हैं कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाता है। इसीलिए समाज में गुरु का दर्जा भगवान से पहले दिया गया है। ताजा मामला दौसा जिले के बांदीकुई स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल का है। जहां कोर्ट के आदेश के बाद सेंट फ्रांसिस द्वारा की गई अवैध कब्जा भूमि पर कब्जा हटाने के लिए पहुंची जेसीबी पर स्कूल स्टॉफ और बच्चों ने पथराव कर दिया।

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एडवोकेट रमेश सैनी ने बताया कि रेलवे की 0.31 हेक्टेयर भूमि पर सेंट फ्रांसिस स्कूल ने अवैध कब्जा करके आने जाने का रास्ता बंद कर दिया था। मामला 2012 का है, जब सेंट फ्रांसिस स्कूल और स्कूल के गार्डन के बीच में रेलवे की जमीन जो आम रास्ता था, उस आम रास्ते पर सेंट फ्रांसिस स्कूल जहां लगभग 1200 बच्चे पढ़ते हैं, स्कूल ने खुद के गार्डन के साथ मिलते हुए रास्ते के दोनों तरफ दीवार लगा दी।
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बता दें कि दीवार बनाने के बाद रेलवे ने और वहां से गुजरने वालों ने आपत्ति जताई तो सेंट फ्रांसिस स्कूल ने कहा कि इस दीवार को कुछ दिनों में हटा लेंगे। उस दौरान सेंट फ्रांसिस स्कूल में रेलवे के रास्ते पर बनी इस जमीन को खुद के कब्जे में बताते हुए जमीन पर दावा करते हुए न्यायालय पहुंच गए। उधर, रेलवे और सेंट फ्रांसिस स्कूल के बीच में यह दवा लगभग 12 साल चला। इस बीच रेलवे ने अपनी भूमि का सीमा ज्ञान करवा लिया। उसमें भी यह साबित हो गया कि जिस जमीन पर सेंट फ्रांसिस स्कूल बांदीकुई ने अवैध कब्जा किया है, यह जमीन लगभग दो करोड़ रुपये की है और जमीन का मालिकाना हक रेलवे का है।
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इसी का फैसला शुक्रवार को 12 साल बाद आया, जिस पर एडवोकेट राकेश विजय का कहना है कि 12 साल बाद रेलवे ने अपनी भूमि पर कब्जे के आदेश कोर्ट द्वारा लिए गए हैं। इसी के चलते न्यायालय का फैसला आने के बाद उस रास्ते पर बनी दीवार को तोड़ने के लिए पहुंचे। वहां मौजूद बच्चे और स्कूल के स्टॉफ ने जेसीबी पर पथराव किया। साथ ही स्कूल प्रशासन न्यायालय के आदेश के बाद रेलवे के कार्मिकों से दादागिरी करता हुआ नजर आया। इधर, न्यायालय के आदेश के बाद और सेंट फ्रांसिस स्कूल की दादागिरी के बीच रेलवे ने आरपीएफ की मौजूदगी में अपनी जमीन पर तारबंदी भी कर दी है।

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