Desert National Park: बेमौसम बारिश से टली वन्यजीवों की गणना, जानिए बुद्ध पूर्णिमा पर ही क्यों होती है गिनती
पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले भर में हुई व्यापक बारिश के चलते जंगलों में जगह-जगह पानी भरा होने से गणना की इस कवायद को टाला दिया है। वैशाख पूर्णिमा यानी आज शुक्रवार को गिनती करवाना तय किया गया था, जो अब आदेश के बाद 4 जून को कराई जाएगी। 4 जून को भी पूर्णिमा ही है।
विस्तार
जैसलमेर में वन विभाग की ओर से बुद्ध पूर्णिमा की रात को प्रस्तावित वन्यजीव गणना नहीं होगी। पिछले काफी दिनों से हो रही बरसात की वजह से शुक्रवार को इसे निरस्त कर दिया गया है। दरअसल चिन्हित जल स्त्रोतों पर ही वन्य जीवों की काउंटिंग की जाती है। लेकिन इस बार बरसात होने की वजह से वन्यजीव चिन्हित स्रोतों पर नहीं आएंगे। इसलिए इसे अगले महीने की पूर्णिमा तक स्थगित कर दिया है।
जैसलमेर जिले में राज्य भर के अभयारण्यों की तरह डेजर्ट नेशनल पार्क ( राष्ट्रीय मरु उद्यान) क्षेत्र में वन्यजीवों की गणना शुक्रवार को वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके नहीं कराई जाएगी। हर साल वन विभाग की तरफ से गठित टीमें वैशाख मास की पूर्णिमा को दिन-रात जलाशयों और अन्य जल स्रोतों पर वन्यजीवों की गणना करती रही है।
बरसात ने बिगाड़ा गिनती का गणित
इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले भर में हुई व्यापक बारिश के चलते जंगलों में जगह-जगह पानी भरा होने से गणना की इस कवायद को टाला दिया है। वैशाख पूर्णिमा यानी आज शुक्रवार को गिनती करवाना तय किया गया था, जो अब प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की तरफ से जारी आदेश के बाद 4 जून को कराई जाएगी। 4 जून को भी पूर्णिमा ही है।
पूर्णिमा की चांदनी में होती है गणना
दरअसल, पूर्णिमा को चूंकि चंद्रमा की चांदनी सबसे प्रखर होती है, ऐसे में इस दिन को वन्यजीवों की गणना का समय मुकर्रर है। साल 2020 में भी विभाग ने वैशाख पूर्णिमा को वन्यजीवों की गणना करवाई थी, तब भी अभयारण्य क्षेत्र में जगह-जगह पानी भरा होने की वजह से विभाग की तरफ से चिन्हित जल स्रोतों पर सभी वन्यजीव नहीं पहुंचे थे और गणना के नतीजे निराशाजनक आए थे। इससे सबक लेते हुए विभाग ने वन्यजीवों की गणना को एक माह बाद कराने का फैसला किया है।
मौसम में गर्मी का असर नहीं
जल स्रोतों पर आने वाले वन्यजीवों की गणना को वाटर हॉल सेंसस पद्धति कहा जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा को गणना करवाने के पीछे सोच यह रहती है कि मई माह में तेज गर्मी पड़ती है और वन्यजीवों को पीने के पानी का संकट भी झेलना पड़ता है। वन विभाग की तरफ से अभयारण्य क्षेत्रों में जगह-जगह जल स्रोतों पर तब 24 घंटे निगरानी रख कर वन्यजीवों की गणना करवाई जाती है। इस बार कई दफा बारिश हो जाने से एक तो वन क्षेत्रों में जगह-जगह पानी भर गया है। और दूसरा गर्मी भी हर साल जितनी नहीं पड़ रही है। इन दो वजहों से गणना को टाला दिया है।
जून महीने की पूर्णिमा को होगी गणना
डेजर्ट नेशनल पार्क के उप वन संरक्षक आशीष व्यास ने बताया की बारिश होने की वजह से वन्यजीवों की गणना अब अगले महीने की 4 तारीख को पूर्णिमा के दिन-रात में कराई जाएगी। बारिश होने से जगह-जगह पानी भर जाने से विभाग के वाटर हॉल पर सभी जानवरों के पहुंचने की संभावना नहीं रहेगी। इसलिए गणना को अगले माह करवाने का निर्णय लिया है।