Rajasthan: सीएम गहलोत का पलटवार, कहा- हम अमित शाह को चार्टर प्लेन भेजकर निवेदन करेंगे कि वो यहां आएं और भ्रम दूर करें
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में अपराध में 14.46 फीसदी की कमी हुई। जबकि अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में तो अपराध में 62.29 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।
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कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे पर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद भाजपा ने प्रियंका गांधी को रेल टिकट भेजकर राजस्थान आने को कहा है। वहीं अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेता राजस्थान में अपराधों को लेकर बार-बार प्रियंका गांधी को आमंत्रित करते हैं, जबकि प्रियंका जी किसी संवैधानिक पद पर भी नहीं हैं। हम गृहमंत्री अमित शाह के लिए चार्टर प्लेन भेजकर निवेदन करना चाहेंगे कि वो राजस्थान आएं।
सीएम गहलोत ने कहा कि अमित शाह यहां आकर प्रदेश में कानून व्यवस्था के संबंध में किए गए नवाचारों और अपराध के विरुद्ध की गई कठोर कार्रवाई की जानकारी लें। साथ ही अपने पार्टी के द्वारा फैलाया गया भ्रम दूर करें। सीएम गहलोत ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में लॉकडाउन होने के बावजूद जब पूरे देश में पिछले साल की तुलना में अपराधों में 28.03 फीसदी की वृद्धि हुई, तब राजस्थान में 14.46 फीसदी की कमी हुई।
आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 2020 में डकैती, लूट, अपहरण, बलात्कार, बलवा, नकबजनी, चोरी सहित सभी तरह के अपराधों में कमी आई है। इस दौरान अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में तो अपराध में 62.29 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। साल 2021 में भी राजस्थान में अपराध में 2019 की तुलना में 4.7 फीसदी की कमी हुई है।
एफआईआर पंजीकरण अनिवार्य करने से सरकार में भरोसा जागा
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एफआईआर पंजीकरण अनिवार्य करने का साहस दिखाया। अनिवार्य एफआईआर पंजीकरण नीति लागू करते समय हमें पता था कि अपराध के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी होगी। विपक्ष और मीडिया इस पर सवाल उठाएगा लेकिन हर पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए हमने यह नीति लागू की। पहले पॉक्सो एक्ट के पीड़ित कार्रवाई ना होने के डर से मन मसोस कर रह जाते थे लेकिन अब उनका सरकार में भरोसा जागा है। वो एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। पुलिस हर एफआईआर को एक तार्किक अंत तक पहुंचा रही है और अपराधियों को सजा मिल रही है।
अनिवार्य एफआईआर पंजीकरण नीति लागू होने से पूर्व महिला अपराधों की 33.4 फीसदी एफआईआर अदालतों सीआरपीसी 156 (3) से इस्तगासे के माध्यम से दर्ज होती थीं लेकिन इस नीति के बाद यह संख्या सिर्फ 16 फीसदी रह गई है। महिला अत्याचारों का अनुसंधान समय भाजपा सरकार के दौरान 2017-18 में 274 में दिन हुआ करता था, जो अब अब 79 दिन रह गया।
पीएम से किया था पूरे देश में एफआईआर पंजीकरण नीति लागू करने की मांग
महिला अपराधों के लिए हर जिले में एडिशनल एसपी की नियुक्ति की गई है। अदालत से भी कोई अपराधी बच ना सके, इसलिए लीगल ऑफिसर्स की नियुक्ति की है। इन सभी कदमों से पीड़ितों को राहत मिली है और अपराधियों में भय व्याप्त हुआ है। मैंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया कि पूरे देश में अनिवार्य एफआईआर पंजीकरण नीति लागू हो, जिससे सभी प्रदेशों के असल आंकड़े सामने आ सके लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
राजस्थान में कानून व्यवस्था भाजपा शासित राज्यों से बेहतर
सीएम गहलोत ने कहा कि अनिवार्य एफआईआर पंजीकरण के बावजूद अपराधों में कमी दिखाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भाजपा शासित राज्यों से बेहतर है। हमारी सरकार के तीन सालों में पॉक्सो एक्ट के 620 मामलों में सजा सुनाई गई है। इनमें सात को फांसी और 137 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हम भाजपा की तरह अपराध पर राजनीति नहीं करते बल्कि अपराधियों को कठोर दंड देकर उन्हें अंजाम तक पहुंचाते हैं।
पूनिया का पलटवार, कहा-शर्म आनी चाहिए
सीएम गहलोत के गृहमंत्री अमित शाह को बुलाने पर सतीश पूनिया ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी एक सामान्य व्यक्ति जो राजनीति से सरोकार न रखता हो, वह भी यह बता सकता है कि आपके नवाचार सिर्फ कागजी किले हैं। वास्तव में राजस्थान अपराधों का गढ़ बन चुका है, जहां बच्चों, बुजुर्ग, महिला, वंचितों पर होने वाले अपराध नित नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं।
पूनिया ने कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए कि प्रदेश के गृहमंत्री पद से इस्तीफा देने की बजाय आप केंद्र सरकार के गृहमंत्री को अपने मैसेज के जरिए यहां अपनी असफलता को दिखाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।