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राजस्थान: आईआईटी की छात्रा ने चुनी राजनीति की राह, कॉर्पोरेट छोड़ आप के टिकट पर मैदान में उतरीं गायत्री दुआ
Wed, 09 Sep 2026 09:05 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 09 Sep 2026 09:05 PM IST
सार
झालावाड़ के झालरापाटन नगरपालिका चुनाव में आईआईटी-दिल्ली की अंतिम वर्ष की छात्रा गायत्री दुआ आप के टिकट पर वार्ड 27 से पार्षद पद का चुनाव लड़ रही हैं। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई कर रहीं गायत्री ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कॉर्पोरेट कॅरिअर के अवसरों को छोड़कर राजनीति और जनसेवा की राह चुनी है।
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गायत्री दुआ
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
झालावाड़ जिले के झालरापाटन नगरपालिका चुनाव में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की अंतिम वर्ष की छात्रा गायत्री दुआ के चुनाव मैदान में उतरने से वार्ड 27 का मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई कर रहीं गायत्री दुआ ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कॉर्पोरेट कॅरिअर बनाने के अवसरों को छोड़कर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वे आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
कॉर्पोरेट कॅरिअर छोड़कर जनसेवा की राह
झालरापाटन स्थित लाल बाग क्षेत्र से किस्मत आजमा रहीं गायत्री दुआ के पास भी स्नातक की पढ़ाई के बाद देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में जाने के अवसर मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लुभावने अवसरों को चुनने के बजाय अपने गृह नगर झालरापाटन लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान ही स्थानीय राजनीति में उतरकर सीधे जनता के बीच काम करने का निर्णय लिया है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान निकाय चुनाव में कस्बों ने मारी बाजी: बड़े शहर पिछड़े, 72% से ज्यादा मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
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भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी हैं पिता
गायत्री दुआ की उम्मीदवारी केवल उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक राजनीतिक जुड़ाव के कारण भी झालावाड़ क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है। उनके पिता का राजनीतिक जीवन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। वे पूर्व में भाजपा की ओर से वार्ड पार्षद रहने के साथ विश्व हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में भी उनके पिता भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष के पद पर हैं।
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कॉर्पोरेट कॅरिअर छोड़कर जनसेवा की राह
झालरापाटन स्थित लाल बाग क्षेत्र से किस्मत आजमा रहीं गायत्री दुआ के पास भी स्नातक की पढ़ाई के बाद देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में जाने के अवसर मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लुभावने अवसरों को चुनने के बजाय अपने गृह नगर झालरापाटन लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान ही स्थानीय राजनीति में उतरकर सीधे जनता के बीच काम करने का निर्णय लिया है।
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भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी हैं पिता
गायत्री दुआ की उम्मीदवारी केवल उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक राजनीतिक जुड़ाव के कारण भी झालावाड़ क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है। उनके पिता का राजनीतिक जीवन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। वे पूर्व में भाजपा की ओर से वार्ड पार्षद रहने के साथ विश्व हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में भी उनके पिता भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष के पद पर हैं।