देहलवाल जी मेले में बवाल: पुलिस पर बच्चों तक को पीटने का आरोप, हंगामे के बाद बंद हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
बूंदी के नैनवां में देहलवाल जी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिस और युवाओं के बीच विवाद हो गया। मेला संयोजक ने बच्चों पर लाठी चलाने का आरोप लगाया। एसपी से शिकायत के बाद संबंधित आरएसी कांस्टेबल को नैनवां से हटा दिया गया।
विस्तार
राजस्थान के नैनवां कस्बे में चल रहे प्रसिद्ध देहलवाल जी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हो गया। ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में महिला कलाकारों की प्रस्तुति के बीच पुलिस और युवाओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के चलते मेला आयोजकों को सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद करना पड़ा।
मेला संयोजक दीपक चोपड़ा ने पुलिस पर लोगों और छोटे बच्चों तक पर लाठियां बरसाने का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ युवा कुर्सियों पर चढ़कर हंगामा कर रहे थे। विवाद के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। मेला संयोजक की ओर से बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा को शिकायत दिए जाने के बाद संबंधित आरएसी कांस्टेबल को नैनवां से हटा दिया गया।
कुर्सियों पर चढ़कर नाचने को लेकर शुरू हुआ विवाद
नैनवां थाना प्रभारी हेमराज मीणा के अनुसार, मेले के मंच पर ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम चल रहा था और महिला कलाकार प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान कुछ युवा कुर्सियों पर चढ़कर नाचने लगे। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने युवाओं को कुर्सियों पर चढ़ने के बजाय नीचे बैठकर शांतिपूर्वक कार्यक्रम देखने की हिदायत दी। इसी बात को लेकर कुछ युवा पुलिसकर्मियों से नाराज हो गए और विवाद शुरू हो गया।
थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस की समझाइश के बाद कुछ ही देर में आक्रोशित लोगों को शांत करवा दिया गया। वहीं, कुछ युवाओं का आरोप था कि वे आराम से कार्यक्रम देख रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन पीछे धकेलना शुरू कर दिया। युवाओं ने एक आरएसी कांस्टेबल पर मारपीट करने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद आयोजकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद करवा दिया।
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मेला संयोजक का आरोप, बच्चों तक पर बरसाईं लाठियां
मेला संयोजक दीपक चोपड़ा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान लोग शांति से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले रहे थे। इसी बीच एक आरएसी कांस्टेबल ने बेवजह लोगों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
चोपड़ा के अनुसार, घटना के समय वह मेले में अन्य लोगों के साथ चाय पी रहे थे। विवाद की सूचना मिलते ही वह मंच के पास पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने छोटे-छोटे बच्चों तक पर लाठियां बरसाईं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मेले में परिवारों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। ऐसे में पुलिस की कथित कार्रवाई से माहौल बिगड़ गया और कार्यक्रम रोकना पड़ा।
डीएसपी और थाना प्रभारी के सामने जताया विरोध
हंगामे की सूचना मिलने पर नैनवां डीएसपी ओमप्रकाश और थाना प्रभारी हेमराज मीणा मौके पर पहुंचे। लोगों ने दोनों अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मेला संयोजक के अनुसार, डीएसपी की ओर से संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
एसपी से शिकायत के बाद कांस्टेबल को हटाया
मेला संयोजक की ओर से बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा को घटना की शिकायत दी गई। इसके बाद संबंधित आरएसी कांस्टेबल को नैनवां से हटा दिया गया। हालांकि, पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत कुछ युवाओं के कुर्सियों पर चढ़कर नाचने और हंगामा करने से हुई थी।