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केकड़ी में बोर्ड बनते ही भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने: पालिकाध्यक्ष जमीन पर लेटे, गहलोत ने विधायक पर साधा निशाना

Tue, 22 Sep 2026 09:25 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 22 Sep 2026 09:25 PM IST
सार

केकड़ी नगरपालिका में पालिकाध्यक्ष के चैंबर को लेकर भाजपा विधायक और कांग्रेस बोर्ड आमने-सामने हैं। पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल धरने पर बैठकर जमीन पर लेट गए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासन से चैंबर निर्वाचित सभापति को सौंपने की मांग की।

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BJP and Congress clash in Kekri immediately after board formation Municipal Council Chairperson lies down
जमीन पर लेटे नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपाध्यक्ष का चुनाव निबटते ही केकड़ी नगरपालिका में सियासी टकराव शुरू हो गया। बोर्ड के गठन के साथ ही वह तस्वीर सामने आ गई, जिसकी शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी। सत्तारूढ़ भाजपा विधायक और नवगठित कांग्रेस बोर्ड के बीच कुछ ही घंटों में विवाद शुरू हो गया।

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पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल और उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी कांग्रेस पार्षदों व सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की अगुवाई में नगरपालिका परिसर में धरने पर बैठ गए। विवाद पालिका परिसर में स्थित पालिकाध्यक्ष के चैंबर को लेकर है। आरोप है कि इस चैंबर में पिछले कुछ समय से भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम का जनसुनवाई केंद्र संचालित हो रहा है।

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मंगलवार को उपाध्यक्ष चुनाव के नतीजे घोषित होते ही पूर्व मंत्री रघु शर्मा, पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, कांग्रेस पार्षद और सैकड़ों कार्यकर्ता नगरपालिका पहुंचे। उन्होंने विधायक जनसुनवाई केंद्र का ताला खोलकर चैंबर पालिकाध्यक्ष को सौंपने की मांग की। ताला नहीं खोले जाने पर सभी धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

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पालिकाध्यक्ष मित्तल ने कहा कि यह चैंबर पालिकाध्यक्ष के कामकाज के लिए बनाया गया है। उनका आरोप है कि इसमें अवैध रूप से विधायक जनसुनवाई केंद्र चलाया जा रहा है। उन्होंने चैंबर का ताला खोलने और उसमें रखा सामान हटाने की मांग की।

गौरतलब है कि पालिकाध्यक्ष के लिए बनाए गए इस चैंबर को केकड़ी को जिला बनाए जाने के बाद अस्थायी तौर पर जिला कलेक्टर कार्यालय स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन को सौंपा गया था। केकड़ी का जिला दर्जा वापस लिए जाने के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय वहां से हट गया, लेकिन स्थानीय भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने इस चैंबर में विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए जनसुनवाई केंद्र शुरू कर दिया।

अब यही चैंबर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव का केंद्र बन गया है। पालिकाध्यक्ष मित्तल इसे खाली कराकर नगरपालिका को सौंपने की मांग पर अड़े हुए हैं। सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई भी मौके पर पहुंचे और मामले को संभालने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल समाधान नहीं निकल सका।

मित्तल ने कहा कि पालिका परिसर में निर्मित यह भवन नगरपालिका की संपत्ति है और इसका उपयोग नगरपालिका से संबंधित कामकाज के लिए ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चैंबर पालिकाध्यक्ष के लिए बनाया गया था और उन्हें ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मित्तल ने मांग पूरी होने तक धरने से नहीं उठने की बात कही।

इसी दौरान मित्तल नगरपालिका परिसर में जमीन पर लेट गए और मांग पूरी होने तक उठने से इनकार कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने नगरपालिका परिसर में पुलिस जाप्ता तैनात कर दिया। बोर्ड गठन के साथ ही भाजपा-कांग्रेस के बीच शुरू हुए इस विवाद की शहर में चर्चा है।

विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा- स्थापित व्यवस्थाओं का सम्मान करें जनप्रतिनिधि
विवाद के बीच विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और स्थापित व्यवस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी पालिका अध्यक्ष का चैंबर मुख्य भवन में ही था। जिस कक्ष को लेकर विवाद है, वहां पहले जिला कलेक्टर बैठते थे। केकड़ी का जिला समाप्त होने के बाद इसे विधायक जनसुनवाई केंद्र बनाया गया।

पढ़ें:  सात नगर निगमों में छह जगह भाजपा, पाली में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत

गौतम ने कहा कि विधायक जनसुनवाई केंद्र की व्यवस्था पूरे राजस्थान में है। अजमेर जिला कलेक्ट्रेट में भी सांसद जनसुनवाई केंद्र संचालित है। उन्होंने कहा कि वे पालिकाध्यक्ष सहित सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी दूसरे जनप्रतिनिधि के अधिकार क्षेत्र और स्थापित व्यवस्था को चुनौती देना उचित नहीं है।

विधायक ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विकास और जनसेवा के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दबाव और टकराव स्वीकार्य नहीं होगा तथा समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।

अशोक गहलोत बोले- निर्वाचित सभापति को अपने ही चैंबर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल की सभापति पद पर जीत हुई है, लेकिन जब वे नगरपालिका में अपने चैंबर में गए तो पता चला कि वहां भाजपा विधायक का कब्जा है।

गहलोत ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि निर्वाचित सभापति को अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में पूर्व मंत्री रघु शर्मा समेत कांग्रेस नेता धरने पर बैठे हैं।


 

 

गहलोत ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारी सत्ताधारी दल के आगे नतमस्तक होकर चुनाव के नतीजे को मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्वाचित सभापति को उनका चैंबर सौंपना सुनिश्चित करने की मांग की। गहलोत ने इसे जनमत का सीधा अपमान बताया।

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