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Bikaner News: खेलते वक्त मासूम की टाई बनी मौत की वजह, दम घुटने से गई जान
Thu, 31 Jul 2025 09:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 09:58 PM IST
सार
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ तहसील के गुसाईसर बड़ा गांव में बुधवार को 10 वर्षीय बालक की खेलते समय दर्दनाक मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद खेलते समय उसकी टाई हुक में फंस गई और दम घुटने से उसकी जान चली गई।
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घर में खेलते मासूम की टाई से दम घुटने से मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ तहसील के गांव गुसाईसर बड़ा में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। स्कूल से घर लौटे 10 वर्षीय मासूम की खेलते समय टाई हुक में फंस गई, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। मृतक बालक की पहचान कानाराम कुम्हार के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब कानाराम स्कूल से लौटकर अपने छोटे भाई के साथ घर में खेल रहा था। उनकी मां उस वक्त रसोई में खाना परोस रही थीं। इसी दौरान खेलते-खेलते कानाराम की स्कूल टाई घर में लगे एक हुक में फंस गई। टाई गले में कसती गई और बच्चा छटपटाने लगा।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर मां तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसी तरह टाई को काटकर कानाराम को हुक से छुड़ाया और तुरंत अस्पताल लेकर भागीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। हेड कांस्टेबल देवाराम ने बताया कि घटना की जानकारी हॉस्पिटल से मिली थी। परिजनों ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और कानाराम का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
ये भी पढ़ें: अलवर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अस्पताल और स्कूलों में मची अफरा-तफरी
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मृतक के दादा पेमाराम प्रजापत ने बताया कि कानाराम गांव के ही स्कूल में अपने भाई-बहनों के साथ पढ़ता था। हादसे के वक्त सभी बच्चे स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटे थे। परिवार और गांव में इस घटना के बाद गहरा शोक छा गया है।
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बच्चे की चीख-पुकार सुनकर मां तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसी तरह टाई को काटकर कानाराम को हुक से छुड़ाया और तुरंत अस्पताल लेकर भागीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। हेड कांस्टेबल देवाराम ने बताया कि घटना की जानकारी हॉस्पिटल से मिली थी। परिजनों ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और कानाराम का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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मृतक के दादा पेमाराम प्रजापत ने बताया कि कानाराम गांव के ही स्कूल में अपने भाई-बहनों के साथ पढ़ता था। हादसे के वक्त सभी बच्चे स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटे थे। परिवार और गांव में इस घटना के बाद गहरा शोक छा गया है।