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एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी: रास्ते में बिगड़ी गर्भवती की हालत, ईएमटी और पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव
Sat, 19 Sep 2026 03:10 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sat, 19 Sep 2026 03:10 PM IST
सार
सिवाना उपजिला अस्पताल से बालोतरा रेफर की गई गर्भवती महिला की माजीवाला के पास अचानक हालत बिगड़ गई। एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी गौरव चौधरी और पायलट गणपत सिंह ने तत्परता दिखाते हुए रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को अस्पताल ले जाया गया।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिवाना उपजिला अस्पताल से बालोतरा के लिए रेफर की गई प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला ने एम्बुलेंस में ही नवजात को जन्म दिया। माजीवाला के पास रास्ते में अचानक महिला की स्थिति बिगड़ने पर एम्बुलेंस कर्मियों ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया।
रास्ते में कराया सुरक्षित प्रसव
गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सबसे पहले सिवाना उपजिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल से उसे आगे के इलाज के लिए सिवाना से बालोतरा रेफर किया गया। इसके बाद महिला को 108 एम्बुलेंस के जरिए बालोतरा ले जाया जा रहा था। जब एम्बुलेंस माजीवाला के पास पहुंची, तो अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और प्रसव की स्थिति बन गई। इस दौरान एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी गौरव चौधरी और पायलट गणपत सिंह ने सूझबूझ का परिचय दिया। दोनों कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला की मदद की और एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को आगे की मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल ले जाया गया। एम्बुलेंस कर्मियों की इस तत्परता से महिला को समय पर मदद मिल सकी।
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स्थायी डॉक्टर की उठी मांग
इस घटना के बाद सिवाना उपजिला अस्पताल में स्थायी गायनी डॉक्टर की मांग एक बार फिर उठी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिवाना और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव और महिला संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस अस्पताल में आती हैं। ऐसे में क्षेत्र की महिलाओं की सुविधा के लिए अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का होना बहुत जरूरी है।
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रास्ते में कराया सुरक्षित प्रसव
गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सबसे पहले सिवाना उपजिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल से उसे आगे के इलाज के लिए सिवाना से बालोतरा रेफर किया गया। इसके बाद महिला को 108 एम्बुलेंस के जरिए बालोतरा ले जाया जा रहा था। जब एम्बुलेंस माजीवाला के पास पहुंची, तो अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और प्रसव की स्थिति बन गई। इस दौरान एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी गौरव चौधरी और पायलट गणपत सिंह ने सूझबूझ का परिचय दिया। दोनों कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला की मदद की और एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को आगे की मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल ले जाया गया। एम्बुलेंस कर्मियों की इस तत्परता से महिला को समय पर मदद मिल सकी।
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स्थायी डॉक्टर की उठी मांग
इस घटना के बाद सिवाना उपजिला अस्पताल में स्थायी गायनी डॉक्टर की मांग एक बार फिर उठी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिवाना और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव और महिला संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस अस्पताल में आती हैं। ऐसे में क्षेत्र की महिलाओं की सुविधा के लिए अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का होना बहुत जरूरी है।