राजस्थान: अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी को दी अग्निवीर पर बहस की चुनौती, बोले- ट्रैक धमाके की होगी साझी जांच
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी को अग्निवीर योजना पर संसद में बहस की चुनौती दी है। वहीं, श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक विस्फोट की जांच रेलवे और राजस्थान सरकार संयुक्त रूप से कर रही है। शुरुआती साक्ष्यों के बाद एनआईए को शामिल करने पर फैसला होगा। आखिर इस धमाके की जांच में आगे क्या सामने आएगा और अग्निवीर योजना पर संसद में बहस की चुनौती को राहुल गांधी स्वीकार करेंगे? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अग्निवीर योजना को लेकर संसद में खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस मुद्दे पर संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। वहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट को लेकर उन्होंने रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों की संयुक्त जांच की जानकारी दी। वैष्णव ने कहा कि शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को शामिल करने पर राज्य पुलिस फैसला करेगी। जयपुर में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।
श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक धमाके की जांच कैसे होगी?
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जांच रेलवे और राजस्थान सरकार के अधिकारी मिलकर कर रहे हैं। दोनों पक्षों के अधिकारी आपसी तालमेल के साथ घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव से भी विस्तार से बातचीत की है। रेल मंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में जो साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर राज्य पुलिस यह तय करेगी कि मामले में एनआईए को शामिल किया जाना चाहिए या नहीं। यानी फिलहाल संयुक्त जांच चल रही है और केंद्रीय एजेंसी की भूमिका पर फैसला शुरुआती जांच के बाद होगा।
राहुल गांधी को अग्निवीर योजना पर बहस की चुनौती क्यों दी?
रेल मंत्री ने अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद सबसे बड़ा मंदिर है और संविधान में विश्वास रखने वालों को संसद की प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। वैष्णव ने राहुल गांधी को संसद के पटल पर आकर अग्निवीर योजना पर खुलकर बहस करने की चुनौती दी। उनका कहना था कि किसी योजना पर सवाल उठाने के बजाय संसद में चर्चा के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक अभियान के दौरान इस मुद्दे को उठाने को लेकर भी निशाना साधा।
अग्निवीर योजना को लेकर रेल मंत्री ने क्या दावे किए?
अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में अग्निवीर योजना को युवाओं और आम लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उनके मुताबिक, यह योजना युवाओं की शारीरिक दक्षता के साथ-साथ तकनीकी चुनौतियों पर भी खरी उतरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना देश के रक्षा बलों को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रयोग है। अग्निवीर योजना को लेकर राजनीतिक बहस के बीच वैष्णव ने इसके समर्थन में अपनी बात रखी और राहुल गांधी से संसद में चर्चा करने को कहा।
त्योहारों में यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए रेलवे ने क्या इंतजाम किए?
रेल मंत्री ने दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान रेल यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस त्योहारी सीजन में करीब 18 हजार विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इन जगहों पर यात्रियों के लिए शौचालय, पीने का पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा अलग से टिकट खिड़कियों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में परेशानी न हो और प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो।
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?
रेलवे का मकसद त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। इसके लिए भीड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जाने के बजाय होल्डिंग एरिया में ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां जरूरी सुविधाएं देने के साथ टिकट की अलग व्यवस्था की गई है। इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ का दबाव कम करने और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है। वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कितने स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है?
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 1,300 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम शुरू किया गया है। इनमें से करीब 400 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों को अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें स्थानीय संस्कृति और स्थापत्य कला को भी जगह दी जा रही है। जयपुर, जोधपुर और अहमदाबाद जैसे शहरों के रेलवे स्टेशनों पर वहां की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक शैली की झलक दिखाई देगी।
रेलवे का आधुनिकीकरण किस तरह किया जा रहा है?
रेल मंत्री के मुताबिक, पुराने रेलवे स्टेशनों और उनके परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस काम में एक अहम बात यह है कि रेलवे यातायात को रोके बिना ही पुरानी इमारतों और परिसरों का पुनर्विकास किया जा रहा है। यानी स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही जारी रखते हुए निर्माण और सुधार के काम किए जा रहे हैं। सरकार की योजना के तहत इन स्टेशनों को भविष्य की यात्री जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। वैष्णव ने अपने संबोधन में रेलवे ट्रैक विस्फोट की जांच, अग्निवीर योजना पर राजनीतिक बहस और रेलवे के विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।