राजस्थान: गहलोत बोले- मोदी और शाह यूपी में जितना अधिक प्रचार करेंगे, भाजपा की जीत की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सभी काम छोड़कर उत्तर प्रदेश में डेरा डाले हए हैं। पहले पश्चिम बंगाल में कैंप किया था़, वहां मुंह की खानी पड़ी, अबकी बार उत्तर प्रदेश में कैंप किया है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश में जितना अधिक प्रचार करेंगे भाजपा की जीत की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सभी काम छोड़कर उत्तर प्रदेश में डेरा डाले हए हैं। पहले पश्चिम बंगाल में कैंप किया था़, वहां मुंह की खानी पड़ी, अबकी बार उत्तर प्रदेश में कैंप किया है, तो मैं समझता हूं कि जितना कैंप करेंगे, उनकी उतनी संभावना जीतने की कम हो जाएगी, क्योंकि जनता सब समझती है।
गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में हरिद्वार और रायपुर में धर्म संसद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा कि प्रधानमंत्री ने इस तरह के कृत्यों की निंदा और अपील क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश मायने रखता है, प्रधानमंत्री अपील क्यों नहीं करते हैं। उनको धर्म संसद में जो कुछ हुआ उसकी निंदा करनी चाहिए थी, रायपुर में जो कुछ हुआ उसकी निंदा करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि एक तरफ आप गांधी को अपना रहे हो और एक तरफ गांधी के बारे में जो लफ्ज काम में लिए गए, फिर भी कुछ नहीं बोल रहे हो, तो ये दो बातें नहीं चल सकती हैं। रायपुर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रशंसा करने वाले हिन्दू धर्मगुरु कालीचरण महाराज की गिरफ्तार पर टिप्पणी करते हुए गहलोत ने कहा कि जब देश में इस तरह का माहौल है तो लोग ऐसी बातें करने की हिम्मत करते हैं। उन्होंने देश के वर्तमान में माहौल को बेहद खतरनाक करार देते हुए कहा कि देश में माहौल को ठीक करने की जरूरत है और इसके लिए केंद्र सरकार पर लगातार जनता का दबाव होना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि ये बहुत खतरनाक माहौल है और मैं समझता हूं कि केंद्र सरकार पर जनता का भी दबाव लगातार बने रहना चाहिए, तब जाकर उनको समझ में आएगा कि हमें किस दिशा में जाना है और कैसे हमें संदेश देना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष के रूप में अपना कर्त्तव्य निभा रही है और पार्टी नेता राहुल गांधी सभी मुद्दों को उठाते रहे हैं। चाहे वह मुद्रास्फीति हो, बेरोजगारी हो, या कोरोना वायरस टीकाकरण हो और यह सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी है कि वह विपक्ष की भावनाओं का सम्मान करे।