Ashok Gehlot Interview: पायलट और अपने बीच चल रही खटपट पर बोले गहलोत..."मेरी निगाह में तो बस चिड़िया की आंख है"
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विस्तार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही अदावत किसी से छिपी नहीं है। दोनों नेताओं के बीच विवाद का मामला आलाकमान तक पहुंचा हुआ है। चूंकि राजस्थान में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में दो बड़े नेताओं के बीच खिंची तलवारें राजस्थान के चुनाव में क्या असर दिखाएंगी। वहीं तमाम विवादों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में जो बजट पेश किया है, उसे लेकर मुख्यमंत्री गहलोत न सिर्फ उत्साहित हैं, बल्कि भरोसे के साथ कहते हैं कि अगली सरकार भी कांग्रेस की ही बनेगी।
सवाल: आपने राजस्थान का बजट पेश किया है। कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव हैं। सभी को साध लिया है आपने इस बजट से।
जवाब: हमारा बजट तो राजस्थान के एक-एक व्यक्ति का बजट है। आप हमारे पुराने बजट उठाकर देख लीजिए। सभी बजट ऐसे ही होते हैं। हर व्यक्ति का ध्यान रखा जाता है। नब्बे फ़ीसदी से ज्यादा हमारी योजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं।
सवाल: आपने अपने इस बजट में धार्मिक यात्राओं में अयोध्या दर्शन कराने का भी फैसला लिया है। क्या भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी जैसी कोई योजना है?
जवाब: हम अपने राज्य के लोगों को तीर्थाटन तो कराते ही रहते हैं। हमारे बजट में पहले भी रहा है। नए-नए धार्मिक स्थल जुड़ते जा रहे हैं। वैसे भी हम धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करते हैं।
सवाल: भाजपा ने उज्ज्वला योजना की शुरुआत की। आपने उज्जवला योजना में लाभार्थियों को पांच सौ रुपये में सिलेंडर देने की घोषणा की। यह तो सियासी दांव माना जा रहा है।
जवाब: केंद्र से महंगाई कंट्रोल नहीं हो रही है। लोगों को गैस सिलेंडर और चूल्हा तो मिल गया, लेकिन वह भरवाए भी तो कैसे। तो ऐसी योजना का क्या लाभ जो फायदेमंद ही न हो। अब हमारी सरकार ने तय किया है की हम ऐसे उन सभी परिवारों को 500 रुपये में सिलेंडर देंगे जो गैस भरवा नहीं पा रहे हैं।
सवाल: 19 हजार करोड़ रुपये का महंगाई राहत पैकेज आपने दिया। मुफ्त राशन और मुफ्त में बिजली कर दी। यह सब भी तो अब मुफ्त में रेवड़ी की तरह बांट रहे हैं।
जवाब: चुनी हुई सरकार के लिए अपने नागरिकों की जरूरतों को पूरी करना सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आता है। हमारी सरकार यह सब उनकी सामजिक सुरक्षा के लिए ही कर रही है। इसको रेवड़ी कहना उन जरूरतमंदों का मजाक उड़ाना है जो इसके हकदार हैं।
सवाल: अब तो चुनाव में कुछ महीने बचे हैं। कांग्रेस पार्टी में चल रहे अंदरूनी विवाद, खासतौर से सचिन पायलट और आपके बीच चल रहे विवाद का चुनाव पर क्या कुछ असर पड़ने वाला है।
जवाब: इस मुद्दे पर तो मुझे कुछ कहना ही नहीं है। मुझे सिर्फ चिड़िया की आंख दिख रही है। विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं। इसलिए हमारा पूरा फोकस चुनाव में जीजान लगाने का है। हम लोग चुनाव जीतने में पूरी जान लगा देंगे। इस बार फिर राजस्थान की जनता कांग्रेस को सत्ता सौंपने जा रही है।
सवाल: चुनाव में किन मुद्दों के साथ आप मैदान में उतरेंगे। क्योंकि विपक्ष तो आप पर लगातार हमलावर हो रहा है। आपके बजट को सपनों के सौदागर वाला बजट बता रहे हैं।
जवाब: गुड गवर्नेंस ही हमारी पहचान है। हमारी सरकार ने जो कहा है वह करके भी दिखाया है। यही वजह है कि समूचे राजस्थान के हर जिले, शहर, तहसील, कस्बे और गांव में हमारी योजनाओं की वजह से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में 10 लाख रुपये से बढ़ाकर हमने 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा योजना कर दिया। पूरे देश में इससे बड़ी स्वास्थ्य योजना कोई नहीं है। कोविड में जिन बच्चों के मां-बाप गुजर गए। उन सभी बच्चों को नौकरी करने की उम्र में आते ही सबसे पहले सरकारी नौकरी भी हम दे रहे हैं। अभी हमने 100 यूनिट बिजली फ्री की है। जैसे-जैसे व्यवस्थाएं और बेहतर होती जाएंगी हम 300 यूनिट तक बिजली फ्री कर देंगे। चिकित्सा स्वास्थ्य शिक्षा और निवेश समेत अपनी आधारभूत सुविधाओं से पूरे देश में राजस्थान को एक अहम मुकाम पर पहुंचाया है।
सवाल: आपने निवेश का अभी जिक्र किया। आप केंद्र में अदाणी का विरोध करते हैं। जबकि राजस्थान में भी तो अडानी ने निवेश किया है। केंद्र में विरोध और राज्य में स्वीकार्यता। इसको कैसे जस्टिफाई करेंगे आप?
जवाब: इस मामले में हमारे नेता राहुल गांधी जी पहले ही कह चुके हैं। मेरा मत भी वही है जो हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है।
सवाल: अभी हाल में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पूरी हुई है। आने वाले दिनों में कई राज्यों के चुनाव हैं। उन चुनावों के परिणाम भारत जोड़ो यात्रा से जोड़े जाएंगे। क्या कुछ दबाव महसूस कर रहे हैं आप।
जवाब: देखिए पहले ही जयराम रमेश ने यह स्पष्ट किया है कि भारत जोड़ो यात्रा सियासी यात्रा नहीं है। इस यात्रा का मकसद देश में एकता और मोहब्बत को बढ़ाना है। सामाजिक मुद्दों के साथ शुरू की गई यात्रा एक आंदोलन थी। रही बात चुनाव और उसके नतीजों के दबाव की। जब हमने अच्छा काम किया है तो मुझे पूरा भरोसा है कि कांग्रेस सभी राज्यों में मजबूती के साथ वापस आएगी। हमारे नेताओं कार्यकर्ताओं पर किसी भी तरीके का कोई दबाव नहीं है। हम सब लोग जी जान से चुनावी मैदान में डटे हुए हैं और सरकार बनाने की ओर अग्रसर हैं।