आसाराम को झटका, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल में दिन गुजार रहे आसाराम को करारा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने पीडिता को नाबालिग माना है। अदालत ने आसाराम की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें पीडिता को बालिग बताया गया था।
इधर, सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत से जुड़ी अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई। हालांकि अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कार्यवाही गुरूवार तक टाल दी। अब फैसला गुरूवार को होगा।
राजस्थान हाईकोई के जस्टिस विजय विश्नोई ने आसाराम की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि पीडिता नाबालिग ही है। इसके साथ ही बैंच ने तय किए गए आरोपों में राहत देने की अपील भी खारिज कर दी।
स्टिस एक्ट के तहज हो सकती है कार्रवाई
ये अपील आसाराम और मामले में सह आरोपी उसके चार साथियों ने की थी। इससे पहले आसाराम के वकील ने आसाराम पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को गलत बताया और पीडिता को बालिग बताया।
आसाराम के वकील के.के. मेनन ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं करती। अपील के पक्ष में दलील देते हुए मेनन ने कहा था कि जब पीडिता के साथ दुष्कर्म हो रहा था तो वह चिल्लाई क्यों नहीं जबकि उसके परिजन बाहर ही मौजूद थे।
इस फैसले के बाद आसाराम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि अब आसाराम पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 26 के तहत आरोप तय किया जा सकता है।