फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Alwar News ›   Tikkaram Juli Reaction on Budget An example of failed financial management and empty announcements

Tikkaram Juli Reaction on Budget: 'असफल वित्तीय प्रबंधन और थोथी घोषणाओं का नमूना, नल कनेक्शन नहीं दी सरकार'

Thu, 20 Feb 2025 05:38 PM IST
अलवर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: अलवर ब्यूरो Updated Thu, 20 Feb 2025 05:38 PM IST
सार

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार द्वारा पेश बजट को जनता पर कर्ज का बोझ डालने वाला बताया। उन्होंने कहा, जल जीवन मिशन में 25 लाख नल कनेक्शन की घोषणा की थी। लेकिन सरकार आधे भी नहीं दे पाई।

विज्ञापन
Tikkaram Juli Reaction on Budget An example of failed financial management and empty announcements
टीकाराम जूली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान की जनता पर कर्ज का बोझ डालने वाला बताया है। राज्य सरकार का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह फेल है, यह बजट में दिख रहा है। पिछले बजट में अनुमान लगाया गया कि करीब दो लाख 65 हजार करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां होंगी। परंतु ये लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया और दो लाख 62 हजार 618 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां ही हुई हैं। जबकि केंद्र सरकार से पहले से ज्यादा मदद मिली है।

विज्ञापन


जूली ने कहा, साल 2024-25 में राजस्व व्यय का लक्ष्य तीन लाख 34 हजार 796 करोड़ का रखा गया। लेकिन व्यय केवल दो लाख 94 हजार 557 करोड़ ही किए गए। 2024-25 में राजस्व घाटा 25,758 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जो लगभग 32,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है। राजकोषीय घाटा भी 70,000 करोड़ के पार पहुंच गया है, जो 2025-26 में बढ़कर 84 हजार 643 करोड़ हो जाएगा। राजस्थान पर भाजपा सरकार में कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह सरकार पर कर्ज सवा सात लाख करोड़ के पार हो जाएगा। यानी हर राजस्थानी पर एक लाख रुपये का कर्ज ये सरकार लादने जा रही है।
विज्ञापन


जूली ने एक बयान जारी कर कहा कि पिछली बार न तो बजट पूर्व चर्चा में और न ही बजट के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री महोदया को मुख्यमंत्री ने अपने साथ बिठाया था। इस बार बजट पूर्व चर्चा में भी वित्त मंत्री महोदया को बिठाया और बजट के बाद की प्रेस वार्ता में भी बैठाया। हालांकि, उन्हें बोलने नहीं दिया गया। यह दिखाता है कि भाजपा में श्रेय लेने की राजनीति चरम पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जूली ने महंगाई से निपटने को लेकर राज्य सरकार के पास कोई योजना न होने पर निराशा जताते हुए कहा कि आमजन के सामने आज की सबसे बड़ी चुनौती महंगाई है। आज राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट से हमें उम्मीद थी कि महंगाई कम करने को लेकर कोई घोषणा की जाएगी।हमारी सरकार ने बजट 2023-24 में 19,000 करोड़ का महंगाई राहत पैकेज दिया था। परंतु आज महंगाई शब्द ही पूरे बजट में नहीं आया। पिछली बार सरकार ने पांच वर्ष की कार्य योजना बनाकर 10 संकल्प तय किए थे। इस बार इन संकल्पों का भी कोई जिक्र बजट में नहीं किया गया।

जूली ने कहा कि पिछले बजट के रिप्लाई के दौरान मुख्यमंत्री घोषणा पत्र की 50 फीसदी घोषणाएं पूरा होने की बात की थी। इस बार वित्त मंत्री ने 58 फीसदी पूरा होने की बात कही। इसका अर्थ है कि एक साल में केवल आठ फीसदी वादों को ही पूरा किया गया है। पिछले बजट में सरकार ने वादा किया था कि राजस्थान इकोनॉमिक रिवाइवल टास्क फोर्स बनाएंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अक्तूबर 2024 में आपने बना दी। अक्तूबर से आज तक मुख्यमंत्री ने इस टास्क फोर्स की एक भी बैठक ली है क्या? ये भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। इसी कारण राज्य सरकार का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह फेल है, यह बजट में दिख रहा है।

पचपदरा रिफाइनरी को लेकर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र में और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। तब भी रिफाइनरी के काम को आप पूरा नहीं कर पा रहे हैं। 31 दिसंबर 2024 तक रिफाइनरी में उत्पादन शुरू होना था, पर अभिभाषण में कहा गया कि 83 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। भाजपा सरकार की काम अटकाने की आदत के कारण जिस रिफाइनरी का बजट 40,000 करोड़ रुपये का था, वो आज एक लाख करोड़ रुपये का होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री के रिफाइनरी का दौरा करने के बाद कहा गया कि अप्रैल 2025 तक काम शुरू हो जाएगा। आज बजट में कहा गया है कि अगस्त 2025 तक काम पूरा होगा। 2013 से 2018 तक भाजपा सरकार ने काम अटकाया, हमने पांच साल काम तेजी से किया पर कोविड आया तो काम रुका। यूक्रेन युद्ध से आयात होने वाला सामान बहुत महंगा हुआ तो काम धीमा हुआ। परंतु करीब 80 फीसदी काम हमारी सरकार के पांच साल में पूरा हुआ। ये एक लाख करोड़ रुपये में राजस्थान सरकार का हिस्सा भी लगातार बढ़ता जा रहा है और आप अपना हिस्सा नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए ये काम धीमा चल रहा है।

ERCP को लेकर बनी हुई संशय की स्थिति पर जूली ने कहा कि आज की बजट घोषणा के बाद ERCP को लेकर हमारी आशंकाएं और गहरा गई हैं। पहले कहा गया कि ये नई योजना इसलिए लाई गई है, जिससे केंद्र 90 फीसदी फंडिंग करे और राजस्थान को केवल पांच फीसदी राशि देनी पड़े। बाकी पांच फीसदी मध्यप्रदेश दे। करीब 45,000 करोड़ की योजना में 5 फीसदी तो केवल 2250 करोड़ ही होता है तो आज फिर ERCP के नाम पर 9300 करोड़ रुपये की नई घोषणा करने की क्या आवश्यकता महसूस की गई?


सामाजिक सुरक्षा पेंशन में कानून सम्मत वृद्धि न करने पर जूली ने कहा कि हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15 फीसदी बढ़ोतरी का कानून राजस्थान मिनिमम गारंटी एक्ट बनाया था। इससे पिछली बार पेंशन 1000 से बढ़कर 1150 रुपये हुई। इस वर्ष इसमें 15 फीसदी बढ़ोतरी होकर कम से कम 1,322 रुपये होनी चाहिए थी। परंतु इसे केवल 1250 रुपये किया गया है, जो अनुचित है। जूली ने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे BOT मॉडल पर बनाकर 60,000 करोड़ की घोषणा की है। जबकि DPR में इनकी लागत एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की आई है। फिर आधे बजट में ये कैसी सड़कें बनाएंगे, यह सरकार को बताना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed