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अजमेर में साइबर फ्रॉड: कर्मचारी के नाम पर बनी फर्जी फर्म, 13.28 करोड़ का हुआ लेन-देन
Fri, 11 Apr 2025 03:30 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Apr 2025 03:30 PM IST
सार
अजमेर में साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। कर्मचारी के नाम पर बनी फर्जी फर्म पकड़ में आया है। यहां से 13.28 करोड़ का लेन-देन हुआ है।
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अजमेर में साइबर फ्रॉड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अजमेर शहर में एक हैरान कर देने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। जहां एक निजी कंपनी में कार्यरत युवक के पैन कार्ड और केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक फर्जी फर्म बनाई गई। इस फर्जी फर्म के जरिए 13.28 करोड़ रुपये का व्यापारिक लेन-देन किया गया। पीड़ित को इसकी जानकारी तब हुई, जब उसे आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस प्राप्त हुआ।
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दरगाह थाना पुलिस के अनुसार, अंदरकोट निवासी पीड़ित युवक ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में युवक ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है और 19 मार्च 2025 को उसे आयकर विभाग की ओर से एक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में उसके नाम पर 13.28 करोड़ की व्यवसायिक प्राप्तियां दर्ज हैं।
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जब पीड़ित ने इस ईमेल के आधार पर जांच शुरू की तो पता चला कि उसके नाम से न केवल 13.28 करोड़ की व्यवसायिक आमदनी दिखाई गई है। बल्कि 15.58 करोड़ का जीएसटी टर्नओवर और 17.13 करोड़ की खरीद भी दर्शाई गई है। जबकि हकीकत यह है कि उसकी वार्षिक आय महज दो लाख रुपये है। पीड़ित ने जब जीएसटी पोर्टल पर विस्तृत जांच की तो पाया कि 'प्राइम एंटरप्राइजेज' नाम की एक फर्जी फर्म उसके पैन कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई है। इस फर्म के जरिए करोड़ों के लेन-देन किए गए हैं और इसमें चार अलग-अलग कंपनियों से भुगतान प्राप्त होना भी दर्शाया गया है।
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पीड़ित ने आयकर विभाग में इस धोखाधड़ी की स्पष्ट अस्वीकृति दर्ज करवाई है और अब थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। दरगाह थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग हैं और पीड़ित के दस्तावेजों तक उनकी पहुंच कैसे हुई। मामला साइबर क्राइम और पहचान की चोरी से जुड़ा हुआ है, जिससे संबंधित विभागों को भी सतर्क कर दिया गया है।