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Ajmer News: वक्फ कानून को लेकर मुस्लिम समाज में नाराजगी, मुस्लिम संगठनों का कल से आंदोलन

Thu, 10 Apr 2025 10:40 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Thu, 10 Apr 2025 10:40 PM IST
सार

Ajmer: प्रेस कांफ्रेंस में जमात ए इस्लामी हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद नाजिम ने 'वक्फ बचाओ आंदोलन' की जानकारी देते हुए बताया कि यह आंदोलन 18 अप्रैल तक चलेगा। आंदोलन के तहत 22 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक विशाल रैली का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देशभर के मुस्लिम संगठन भाग लेंगे।

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Muslim organizations to protest against the amendment in Wakf law from tomorrow
मुस्लिम संगठनों का कल से आंदोलन - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

देश में हाल ही में लागू किए गए नए वक्फ कानून को लेकर मुस्लिम समाज में गहरी नाराजगी दिखाई दे रही है। इस कानून के विरोध में कई मुस्लिम संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। 11 अप्रैल से 18 अप्रैल तक 'वक्फ बचाओ आंदोलन' चलाया जा रहा है, जिसकी अगुवाई विभिन्न मुस्लिम संगठनों द्वारा की जा रही है। आंदोलन का उद्देश्य वक्फ कानून में हुए हालिया संशोधनों का विरोध करना और सरकार पर इसे वापस लेने का दबाव बनाना है।
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गुरुवार को जयपुर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अजमेर दरगाह की अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के 99.9 प्रतिशत मुसलमान इस कानून के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि यह कानून वक्फ संपत्तियों पर सरकार के नियंत्रण को बढ़ावा देता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन है। सरवर चिश्ती ने दरगाह दीवान पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति सरकार का आदमी होता है, वह उसकी भाषा बोलता है, लेकिन हम अल्लाह के लोग हैं, इसलिए हम अल्लाह और रसूल की बात करेंगे।
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सरवर चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में मुस्लिम समाज के साथ अत्याचार हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली, तो मुस्लिम समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह कानून कम से कम एक काम तो कर गया। इसने बिखरे हुए मुस्लिम समाज को एकजुट कर दिया है।
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प्रेस कांफ्रेंस में जमात ए इस्लामी हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद नाजिम ने 'वक्फ बचाओ आंदोलन' की जानकारी देते हुए बताया कि यह आंदोलन 18 अप्रैल तक चलेगा। आंदोलन के तहत 22 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक विशाल रैली का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देशभर के मुस्लिम संगठन भाग लेंगे। इस आंदोलन को संगठित और प्रभावी बनाने के लिए एक जॉइंट कमेटी का गठन किया गया है, जो देशभर में आंदोलन की रणनीति तय करेगी और आगे की दिशा को निर्देशित करेगी।

मुस्लिम संगठनों का कहना है कि वक्फ संपत्तियाँ धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर सरकारी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। सरकार द्वारा किया गया यह संशोधन न केवल धार्मिक स्वतंत्रता को बाधित करता है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अल्पसंख्यक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। ऐसे में अब यह आंदोलन सिर्फ वक्फ कानून तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मुस्लिम समाज के आत्मसम्मान और अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर व्यापक असर डालेगा।
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